जबलपुर जिले में विकसित किया जायेगा गोवंश वन्य विहार
कुण्डम के गंगईवीर ग्राम की 530 एकड़ भूमि पर होगा विकसित
कलेक्टर एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों से गो-संवर्द्धन
बोर्ड की कार्य परिषद् के अध्यक्ष की विस्तृत वार्ता
जबलपुर / ब्यूरो
म.प्र. गोपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड की कार्य परिषद् के अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं पशुपालन विभाग के उप संचालक डॉ. सुनीलकांत बाजपेयी, गौवंश वन्य विहार के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील दीक्षित, जिला नोडल अधिकारी गौशाला डॉ. सौरभ गुप्ता की उपस्थिति में कुण्डम तहसील के अन्तर्गत ग्राम गंगईवीर स्थित एवं “गोवंश वन्य विहार” के लिये आरक्षित और पूर्व से पशुपालन विभाग की अभिरक्षा में सुरक्षित 530 एकड़ भूमि पर “गोवंश वन्य विहार” विकसित करने की गोसंवर्धन बोर्ड की योजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में राज्य शासन की गोरक्षा संबंधी नीति और प्रदेश के मुख्यमंत्री के गो-संरक्षण हेतु संकल्प के अनुरूप “मुख्यमंत्री गोसेवा योजना” पर बोर्ड के अध्यक्ष का मार्गदर्शन प्राप्त किया। कुण्डम तहसील के अन्तर्गत गंगईवीर केंद्रित आसपास की पाँच-सात ग्राम पंचायतों को लक्ष्य कर प्रस्तावित “गोवंश वन्य विहार” के विकास हेतु निर्णय लिया गया। वन्य विहार के अन्तर्गत 530 एकड़ भूमि पर केटल शेड का निर्माण, पशु चिकित्सा केंद्र, गौवंश हेतु पेय-जल व्यवस्था, कर्मचारी आवास, कम्पाउंड वाल का निर्माण किया जायेगा। महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद ने अधिकारियों को विश्वास दिलाया कि शासन द्वारा निर्माण कार्य हेतु फंडिंग की जायेगी। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा शासन, प्रशासन और समाज मिलकर गोवंश संरक्षण का कार्य करेंगे।

