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April 15, 2026
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चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सारंग ने की कोरोना की तीसरी लहर से निपटने मेडिकल कॉलेज की तैयारियों की समीक्षा

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जबलपुर/ब्यूरो

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने मेडिकल कॉलेज में की जा रही तैयारियों की आज यहां आयोजित बैठक में समीक्षा की। सारंग ने मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन आईसीसीयू, एचडीयू और आईसीयू बेड की संख्या बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि तीसरी लहर का बच्चों पर ज्यादा प्रभाव पडऩे की बताई जा रही आशंका के मद्देनजर पीडियाट्रिक आईसीयू बेड की संख्या भी बढ़ाई जाये तथा संक्रमित होने पर बच्चों के साथ मां या उसके अभिभावक के रहने के प्रबंध भी किये जायें।
मेडिकल कॉलेज में डीन कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में पाटन विधायक , जबलपुर केंट विधायक एवं पनागर विधायक , संभागायुक्त, अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, मेडीकल कॉलेज के डीन डॉ. प्रदीप कसार तथा मेडीकल कॉलेज के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद थे।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने मेडिकल कॉलेज में की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए इसके लिए तैयार किये गये प्लान की विस्तृत रिपोर्ट चिकित्सा विभाग को भोपाल भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने किये गये इंतजामों के साथ-साथ मरीजों की संभावित संख्या और शासन से मेडीकल कॉलेज की अपेक्षाओं का भी समावेश किया जाये।
सारंग ने मेडीकल कॉलेज में वेंटीलेटर, पीडियाट्रिक वेंटीलेटर, क्सीजन कांसनट्रेटर एवं उपलब्ध मानव संसाधन का भी विस्तार से ब्यौरा लिया। उन्होंने मेडिकल कालेज में तीसरी लहर से निपटने तैयार किये गये नॉन ऑक्सीजन बिस्तरों को भी ऑक्सीजन बेड में परिवर्तित करने का सुझाव दिया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की तथा कोरोना मरीजों के उपचार के लिए दवाओं की उपलब्धता की जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टॉफ से तीसरी लहर के मद्देनजर प्रशिक्षण पर भी ज्यादा जोर दिया।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बैठक में बताया कि कोरोना मरीजों के उपचार में आवश्यक दवाओं की खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए शासन द्वारा आईटी बेस्ड प्रोक्योरमेण्ट सिस्टम तैयार किया गया है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस) के मरीजों के उपचार की व्यवस्थाओं तथा दवाओं की उपलब्धता की जानकारी भी बैठक में ली। श्री सारंग ने कहा कि ब्लैक फंगस के कारणों को जानने के लिए मेडिकल कॉलेज द्वारा स्टडी रिपोर्ट तैयार की जानी चाहिए।

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रिसर्च और स्टडी पर भी दें ध्यान:-
चिकित्सा शिक्षा मंत्री सारंग ने बैठक में मेडिकल कॉलेज में कोरोना सहित अन्य बीमारियों और उनके निदान को लेकर शोध एवं केस स्टडी पर भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों से कहा कि उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि वे केवल अस्पताल नहीं चला रहे हैं बल्कि मेडिकल कॉलेज का संचालन कर रहे हैं। इसलिए यहां रिसर्च, डेव्हलपमेंट और केस स्टडी पर भी ज्यादा ध्यान देना होगा ताकि देश में इसकी ख्याति बढ़े। श्री सारंग ने इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग में हो रहे शोध कार्यों की सराहना भी की।
बैठक में डीन डॉ. प्रदीप कसार ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने मेडिकल कॉलेज में की गई तैयारियों पर पावर पाइंट प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के
आकस्मिक चिकित्सा कक्ष का किया निरीक्षण
शौचालयों की साफ-सफाई व्यवस्था में कमी पर जताई अप्रसन्नता
मेडिकल कॉलेज के कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने किये गये इंतजामों की समीक्षा के बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने मेडीकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी एवं आईसीसीयू वार्ड तथा मेडीकल कॉलेज के आकस्मिक चिकित्सा कक्षा का निरीक्षण भी किया। इस दौरान श्री सारंग ने वार्डों के शौचालयों में साफ-सफाई में कमी पर नाराजी जाहिर की तथा जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों को अच्छा उपचार देने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए।
इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के गल्र्स पीजी हॉस्टल का भी निरीक्षण किया तथा यहां भी स्वच्छता में कमी पाई जाने पर अप्रसन्नता व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने मेडीकल कॉलेज के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में भर्ती कुछ मरीजों से चर्चा भी की तथा उन्हें दिये जा रहे उपचार के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. प्रदीप कसार, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. वाय.आर. यादव, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. राजेश तिवारी भी मौजूद थे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग एवं पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के नये भवनों के निर्माण की जानकारी भी ली।


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