बकस्वाहा पहुँचे वन पुरुष, कहा जंगल जीवन है, बिना जीवन कैसा विकास।
आज शैल चित्र व केन-बेतवा जंगल भ्रमण के बाद जिला मुख्यालय पर करेंगे पत्रकार वार्ता।
बिजावर/ सुरेश रजक
भारत के वन पुरुष के रूप में विख्यात असम के पद्मश्री विजेता जादव मोलाई पाऐंग बक्सवाहा पहुंचे जहां बस स्टैंड पर एक आम सभा को संबोधित करते हुए बक्सवाहा के जंगल को बचाने की वकालत की। कार्यक्रम सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व व शरद कुमरे के मार्गदर्शन में किया गया बकस्वाहा में कार्यक्रम का आयोजन समाजसेवी मनीष जैन रहे कार्यक्रम में विशेष अतिथि वरिष्ठ अभियंता एम.एस. खरे, सेवानिवृत्त शिक्षक नसीर खान, सेवानिवृत्त शिक्षक धनीराम नापित, समाजसेवी रघुवीर श्रीधर, महेश ताम्रकार, हरिश्चंद्र शाह, राजेश जैन छुल्लक, सुम्मेर सिंह जयप्रकाश बिल्थरे एडवोकेट रहे। कार्यक्रम को शरद कुमरे, अमित भटनागर ने भे संबोधित किया। वन पुरुष का स्वागत बकस्वाहा तहसीलदार त्रिलोक सिंह पोसाम द्वारा किया गया।
श्री जादव पाऐंग जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जंगल का जीवन में क्या महत्व था मैंने समझा है इसीलिए अपना जीवन इस जंगल को लगाने में लगा दिया, 30 साल से लगातार अपना जीवन लगाने के बाद लोगों के सहयोग के बाद 1360 हेक्टेयर जंगल खड़ा किया। आज हमारे देश मे जंगल काटे जा रहे हैं वो भी विकास के नाम पर हमें समझना होगा जंगल हमारे जीवन का आधार जंगल है जब जीवन नही होगा तो कैसा विकास? किसका विकास? जाघव पायेंग बकस्वाहा से बिजवार पहुँचे जहां उनका जोरदार सम्मान किया गया। रात्री विश्राम जटाशंकर में करने के बाद आज वन पुरुष जटाशंकर में पाषाण कालीन शैल चित्रों का अवलोकन करेंगे व केन-बेतवा प्रभावित जंगल का भ्रमण करेंगे इसके बाद जिला मुख्यालय छतरपुर में दोपहर तीन बजे पत्रकारों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में राहुल अहिरवार, अर्जुन वर्मा, शोहराव अलि राजा, कन्हैया यादव, सोनू खटीक, राजेश लोधी, आशीष शाह, मिहि लोधी हजरत खान, बालचंद्र साहू विजय माली की मुख्य भूमिका रही।
जादव पायेंग(असम) से दुनिया की महान हस्ती में से एक जिन्हें दुनिका का सबसे बड़ा पर्यावरण प्रेमी भी कहा जाता है और भारत के वन पुरुष की ख्याति हासिल है।
जादव पायेंग ने 1360 एकड़ का जंगल खड़ा करके न सिर्फ हजारों जंगली जानवरों को एक बसेरा दिया है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी मिसाल भी कायम की है, वे ऐसा करने वाले दुनिया के इकलौते व्यक्ति है, इसलिए उन्हें भारत का वन पुरुष कहा जाता है उनके बारे में अमेरिका, जर्मनी, ताइवान,असम, महाराष्ट्र के स्कूल की किताब में पढ़ाया जाता है। उनके प्रशंसक पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद, अमिताभ बच्चन सहित पूरे दुनिया में फैले हैं।
ऐसी महान शख्सियत जादव पायेंग जी असम से हमारे बीच में हमारे जिले में पधार रहे हैं।
उनके कार्यक्रम निम्न है
12 सितंबर 2021 रविवार
- बिजावर नागरिक बैठक शाम 7:30 से 8:30
- रात्री विश्राम जटाशंकर
13 सितंबर 2021 सोमवार - सुबह 5:30 से 6:00 जटाशंकर धाम दर्शन
- सुबह 6 से 7 शैल चित्र स्थल जटाशंकर पहाड़ी भ्रमण
- सुबह 09:00 से 12 केन बेतवा लिंक प्रभावित गांव भ्रमण मीटिंग।
- दोप. 2:00 से 03:00 छतरपुर में नागरिक मीटिंग
- दोप. 03:00 से 04:00 पत्रकार वार्ता।

