जबलपुर /ब्यूरो
समर्थ सदगुरु भैया जी सरकार आज सरकार की उदासीनता के कारण नागपुर में जीवन मृत्यु के बीच संघर्षरत हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार भैया जी सरकार की लड़ाई न शासन से है और न ही प्रशासन से, उनकी लड़ाई है तो केवल मोक्षदायिनी मां नर्मदा के खतरे में पड़े अस्तित्व को बचाने की। भैया जी सरकार की मांगें समूचे मानव जाति के लिये हैं क्योंकि आज अगर माँ नर्मदा का हरित क्षेत्र खत्म कर निर्माण करा दिए जांएगे तो माँ नर्मदा का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा, जल स्तर पाताल पहुँच जाएगा जबकि सभी को इस बात का भी भान है कि अगर माँ नर्मदा का हरित क्षेत्र खत्म कर दिया जाएगा तो पशु पक्षियों के साथ साथ मानव जीवन भी दुर्लभ हो जाएगा, गैरतलब है कि समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार माँ नर्मदा को बचाने दुनिया की सबसे बड़ी शांतिपूर्ण भूख हड़ताल कर रहे हैं किंतु शासन प्रशासन मौन है और अपनी कुम्भकर्णी नींद में लिप्त है जिसको जगाने का काम आज एक संत अपनी जान की बाजी लगा के कर रहा है किंतु शासन प्रशासन इस ओर अपना ध्यान केंद्रित नही कर रही है जिसका नतीजा कि आज समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार श्री कृष्ण अस्पताल नागपुर में जीवन मृत्यु के मध्य संघर्ष कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर पूर्व में ही आदेश कर चुकी है कि माँ नर्मदा के हरित क्षेत्र हाई फ्लड लेवल 300 मीटर में कोई निर्माण कार्य न किये जायें और जो पूर्व से चल रहे हैं उन पर रोक लगाई जाए किन्तु प्रशासन उसका क्रियान्वयन सही ढंग से आज तक नही कर पाया है मात्र औपचारिकता ही की जा रही है, भैया जी सरकार भक्त मंडल के अनुसार भैया जी सरकार द्वारा जलाई गई ये चिंगारी आज विराट आग का रूप ले चुकी है माँ नर्मदा के अस्तित्व को बचाने आज लाखों लोग भैया जी सरकार के साथ खड़े हुए हैं। जो भैया जी सरकार के साथ अपनी जान की बाजी तक लगाने के लिए तैयार हैं, किन्तु सोचने वाली बात यह है कि जो चिंगारी आज समूचे मध्यप्रदेश से लेकर गुजरात तक फैल चुकी है उसकी तपन आज तक सरकार तक नही पहुँच पाई है या फिर सरकार यह बात समझना ही नही चाहती है।


