बिजावर/संववाददाता
बिजावर और सटई के आसपास के लगभग 42 गाँव मे शराब का अवैध कारोबार बहुत तेजी से फल फूल रहा है प्राप्त सूत्रों के अनुसार सटई के आसपास के ग्रामीण इलाकों में शराब धड़ल्ले से बिक रही है जिस पर शासन प्रशासन का कोई जोर नही चल पा रहा है खुले आम सड़कों पर से शराब गाड़ियों में लोड की जाती है उसके बाद गाड़ी ग्रामीण क्षेत्रों में बांटने के लिए निकल जाती है और इतना ही सड़क किनारे बने ढाबों पर पर भी दिन और रात शराब परोसी जा रही है जबकि प्रदेश में अवैध शराब बिक्री के लिये दो बिभाग कार्यरत हैं पहला आबकारी तो दूसरा पुलिस, किन्तु ये बात समझ के परे है कि आम लोगों तक इसकी सूचना है लेकिन इन दोनों बिभागों के पास कोई सूचना नही है, या फिर दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि शायद दोनो बिभाग किसी फ़ायदेवस देखना ही नही चाहते हैं अब इसका कारण जो भी हो।
ढाबों पर बिकती है शराब-
बिजावर और सटई के आसपास जितने भी ढाबे हैं लगभग उन सभी ढाबों पर शराब परोसी जाती है और शराब की बिक्री की जाती है जो आबकारी अधिनियम के अंतर्गत कानूनी अपराध है किंतु कानून के रक्षक यदि अपना काम मुस्तैदी से करें तो शायद अवैध शराब का गोरखधंधा बिल्कुल से बंद हो जाएगा, अभी कोरोना कर्फ्यू के दौरान भी बंद शटर के नीचे से शराब बिक्री चालू रही जो न आबकारी विभाग को दिखी और न पुलिस बिभाग को, दोनो ही विभाग अपनी चिरनिद्रा में लीन रहते हैं जिस कारण शराब का अवैध कारोबार अपने चरम पर है।


