12 साल की होनहार बेटी ने पेश की अनोखी मिसाल
कोरोना कॉल में ऑनलाइन स्टडी कर बनाए पांच प्रकार की ऐप-
कपिल खरे
बिजावर । कला किसी की मोहताज नहीं होती और वह किसी ना किसी तरह अपनी प्रतिभा से लोगों के लिए मिसाल बन जाती है। ऐसा ही उदाहरण बिजावर की 12 वर्षीय आकांक्षा पांडे ने पेश किया। जो अब हजारों लोगों के लिए मिसाल बन गया है और उसकी इस प्रतिभा को सभी नमन कर रहे हैं। बिजावर के एक अंग्रेजी स्कूल संचालक त्रिवेंद्र पांडे की 12 वर्षीय पुत्री आकांक्षा पांडे ने कोरोना काल में अनोखी प्रतिभा से पांच प्रकार के ऐप बनाए हैं। आकांक्षा ने बताया कि उसे शुरू से ही तकनीकी क्षेत्र में रुचि थी। कोरोना काल में जब स्कूल बंद थे तब उसने इंटरनेट के माध्यम से यह प्रतिभा को आगे बढ़ाया और कोरोना से बचाव के अलावा सामाजिक क्षेत्र, खेल आदि से संबंधित ऐप बनाएं जो आज काफी पॉपुलर हो रहे हैं और लोग उसकी इस प्रतिभा को भविष्य के लिए काफी कारगर मान रहे हैं। आकांक्षा ने बताया कि उसे तकनीकी क्षेत्र से लोगों की मदद करने में पहले से रुचि थी। स्कूल बंद होने से वह घर में ही स्टडी कर रही थी। होनहार बालिका ने इस ऐप को बनाने में अपने आदर्श पिता त्रिवेंद्र पांडे का भी सहयोग लिया साथ ही माता विनीता पांडे ने भी उसका उत्साह बढ़ाया। इसके अलावा भी वह शिक्षण क्षेत्र में स्टूडेंट्स की मदद और गाइडलाइन के लिए एजुकेशन एप भी बनाने जा रही हैं। आकांक्षा के पिता त्रिवेंद्र पांडे ने बताया कि उसकी इस अनोखी रुचि को देखकर वह भी अचंभित हैं और जब कोरोना काल में उसने इस प्रतिभा में निखार लाया तो 10 दिन लगातार ऑनलाइन स्टडी से यह विशेष ऐप तैयार किए। 12 वर्षीय इस बेटी की इच्छा है कि वह बड़ी होकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बने और लोगों की मदद करें। वही क्षेत्र के लोगों ने इस बालिका की अद्भुत प्रतिभा पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं साथ ही प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की प्रतिभाओं को निखारने के लिए प्रोत्साहित करें जिससे अन्य स्टूडेंट्स भी इससे प्रेरित हो और अपने हुनर के लिए उचित मंच तलाश सकें।


