पाटन/संवाददाता
कृषि विभाग में लंबे समय से पदस्थ अधिकारी पर लगे गंभीर आरोप, उच्चस्तरीय जांच और तत्काल स्थानांतरण की मांग
मध्यप्रदेश शासन की तबादला नीति के बावजूद जिले की पाटन तहसील के कृषि विभाग में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) इंद्रा त्रिपाठी पिछले करीब 15 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं। लंबे समय से एक ही पद और एक ही क्षेत्र में बने रहने को लेकर अब विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार सामान्यतः अधिकारियों को एक स्थान पर सीमित अवधि के बाद स्थानांतरित किया जाता है,लेकिन पाटन कृषि विभाग में एसडीओ पद पर लंबे समय से पदस्थ इंद्रा त्रिपाठी का मामला चर्चा में बना हुआ है। स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने से विभागीय पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि लंबे कार्यकाल के कारण स्थानीय उर्वरक विक्रेताओं और अन्य लोगों से अधिकारी के संबंधों को लेकर भी चर्चाएं हैं। किसानों ने दावा किया कि कुछ दुकानदारों पर कार्रवाई और विभागीय गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीओ का मुख्यालय में नियमित निवास नहीं है और उनकी उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि शासन की योजनाओं और विभागीय कार्यों की बेहतर निगरानी के लिए अधिकारियों की नियमित मौजूदगी जरूरी है।
वहीं कुछ किसानों ने अधिकारी के मूल निवास, दस्तावेजों और मुख्यालय भत्ता सहित अन्य मामलों की जांच की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि कोई अनियमितता है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि एसडीओ इंद्रा त्रिपाठी के लंबे कार्यकाल की समीक्षा कर उन्हें जिले से बाहर स्थानांतरित किया जाए और पिछले वर्षों के कार्यों की जांच कराई जाए।
अब देखना होगा कि लगातार उठ रहे सवालों के बाद विभागीय अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

