सौरभ शर्मा/एडिटर इन चीफ
मध्य प्रदेश में एक बार फिर भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है कांग्रेस ने प्रदेश में अपनी पकड़ पूर्ण रूप से खो दी है, लोगों और समाचार पत्रों के एग्जिट पोल से कहीं ज्यादा भाजपा ने सफलता प्राप्त की है।
समूचे मध्य प्रदेश में भाजपा ने अपना परचम लहरा दिया है लोगों ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर अपना भरोसा जताया है कांग्रेस के 2018 के घोषणा पत्र में जो घोषणाएं की गई थी तात्कालिक मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा उन घोषणाओं को समय चलते पूर्ण नही किया गया था जिसके चलते लोगों का आक्रोश साफ साफ नजर आ गया, वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार की लाडली बहना योजना प्रदेश में कमल खिला गई।
अगर प्रदेश में अंचल के हिसाब से बात की जाए तो बुंदेलखंड और विंध्य अंचल में भाजपा ने अच्छी खासी बढ़त बनाई है तो कांग्रेस मात्र छिंदवाड़ा सर्किल में ही अपनी योग्यता सिद्ध कर पाई है, वहीं केंद्रीय मंत्री और सांसदों पर भाजपा का भरोसा कामयाब हो निकला, दूसरी ओर केंद्रीय सरकार पर लोगों का भरोसा भी प्रदेश भाजपा सरकार के लिए काफी कारगर सिद्ध हुआ।
अगर बात करें महाकौशल की तो यहाँ भाजपा ने अपना अलग ही वर्चस्व कायम किया है यहाँ कैंट विधानसभा से बीजेपी के अशोक रोहाणी जीते, पश्चिम विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी राकेश सिंह जीते, पनागर विधानसभा से बीजेपी प्रत्याशी इंदु सुशील तिवारी जीते, सिहोरा से सन्तोष बरकड़े बीजेपी जीते, बरगी से नीरज सिंह बीजेपी जीते, पाटन से अजय विश्नोई बीजेपी जीते, उत्तर मध्य से अभिलाष पांडे बीजेपी जीते, पूर्व से कांग्रेस के लखन घनघोरिया जीते, जबलपुर फिर वापस भाजपा के क़ब्ज़े में 8 में से 7 सीट भाजपा ने हासिल की हैं।

