पाटन / सजल सिंघई
जैन धर्म का पर्व दस लक्षणा पाटन नगर में जैन समुदाय द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, दस दिनों तक चलने वाले इस पर्व में पूजा अर्चना के साथ-साथ कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है, जहाँ एक ओर सुबह से पूजा अर्चना की जाती है।

वहीं दूसरी ओर शाम के समय बच्चों एवं महिलाओं के द्वारा धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किये जा रहे, मंन्दिरों को जगमगाती रोशनियों द्वारा सजाया गया है, इस तरह बड़ी धूमधाम से दस लक्षण पर्व का आयोजन किया जा रहा है। उक्त कार्यक्रम शांतिनाथ जिनालय में आयोजित किया जा रहा है जो जैन धर्म अनुयायियों की एक बिशेष श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। उक्त मंदिर में कार्यक्रमों का आयोजन डॉ. संदीप सिंघई, आज़ाद सिंघई, अशोक संधेलीय, धन्य कुमार जैन, अतुल जैन, अक्षय बजाज, राजीव सिंघई आदि लोगों के सहयोग से किया जा रहा है।

क्या है दस लक्षण
जैन धर्म के दिगम्बर अनुयायियों द्वारा आदर्श अवस्था में अपनाये जाने वाले गुणों को दशलक्षण धर्म कहा जाता है। इसके अनुसार जीवन में सुख-शांति के लिए उत्तम क्षर्मा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, अकिंचन और ब्रह्मचर्य आदि दशलक्षण धर्मों का पालन हर मनुष्य को करना चाहिए, जैन ग्रन्थ, तत्त्वार्थ सूत्र में 10 धर्मों का वर्णन है। यह 10 धर्म है:
उत्तम क्षमा
उत्तम मार्दव
उत्तम आर्जव
उत्तम शौच
उत्तम सत्य
उत्तम संयम
उत्तम तप
उत्तम त्याग
उत्तम आकिंचन्य
उत्तम ब्रह्मचर्य
दसलक्षण पर्व पर इन दस धर्मों को धारण किया जाता है।


