प्रमोद कुमार/महाराष्ट्र
पुणे : छोटी बहन-भाई कल बड़े हो जाएंगे। कल दुनिया को नया आकर देंगे। यह बालगीत आप सभी ने जिला परिषद् के स्कूल में सुना होगा। यह गीत सुनकर आज एक भाई बहन काफी बड़े हो गए है। यह भाई बहनों की जोड़ी यानी पिंपरी-चिंचवड़ मनपा के आयुक्त राजेश पाटिल और पुणे मनपा की उपायुक्त प्रतिभा पाटिल है। दोनों पिंपरी-चिंचवड़ और पुणेवासियों की सेवा के लिए तैयार है। अरंडोल तालुका के छोटे से गांव ताड़े से इन दोनों भाई बहनो ने अपनी शिक्षा पूरी की है। प्रभाकर पाटिल और इंदुताई ने बेहद ईमानदारी और परिश्रम से दोनों बच्चों का लालन-पालन किया है. दोनों ने प्राथमिक से डिग्री तक की शिक्षा बेहद अच्छे तरीके से पूरी की। 2005 में राजेश पाटिल ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस बन गए। भाई की सफलता से बहन ने प्रेरणा ली और प्रतिभा ने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की परीक्षा पास कर नगरपालिका की मुख्याधिकारी चुनी गई। खास बात यह है कि दोनों भाई बहन ने अपने डिग्री की परीक्षा पुणे से पूरी की है।
राजेश पाटिल ने अपने सरकारी सर्विस में 15 वर्षों तक उड़ीसा में अपनी सेवाएं दी। इस सेवा के जरिये उन्होंने उड़ीसा के लोगों में अपने लिए एक सम्मान प्राप्त किया। आदिवासी जिला कोरापुट को विकसित करने का काम राजेश पाटिल ने किया। उड़ीसा की सेवा को देखते हुए उन्हें केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति पुरस्कार और प्रधानमंत्री पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। 15 वर्षों तक उड़ीसा की सेवा करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने राजेश पाटिल को पिंपरी चिंचवड़ मनपा का आयुक्त बनाया। भाई के कदम से कदम मिलाते हुए उनकी बहन प्रतिभा पाटिल ने राज्य के बेहद संवेदनशील नगरपालिका का कामकाज बेहद सफलतापूर्वक पूरा किया। अब प्रतिभा पाटिल को पुणे मनपा का उपायुक्त पद पर नियुक्त किया गया है।

