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August 15, 2026
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उत्तरप्रदेश

जय प्रकाश सिंह एक साधारण किसान की असाधारण गाथा

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उत्तरप्रदेश / ब्यूरो
वाराणसी : जय प्रकाश सिंह ने अपने असाधारण मेहनत और अथक परिश्रम के बल पर धान, गेहूं व अरहर के उन्नत जैविक बीजों का शोधन कर उपज तैयार की उनके सूझबूझ द्वारा सन 1997 से धान,गेहूं,अरहर की 200 प्रजाति का खोज किया हूं| गेहूं में 120 प्रजातियां तथा अरहर में 8 प्रजाति का सिलेक्शन अब तक किया है। इनके द्वारा तैयार प्रजाति पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश बिहार मध्य प्रदेश महाराष्ट्र इत्यादि प्रदेशों में किसान भाईयों को अधिक उत्पादन के साथ लाभ दिला रही हैं | इनके बीजों में खाद की मात्रा अन्य बीजों से 50% कम देने पर भी किसान भाई अधिक उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जय प्रकाश जी के बीज कई प्रदेशों में किसानों को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिला चुके हैं।
आप उत्तर प्रदेश शोध सलाहकार कमेटी सन 2017 तक कमेटी में सदस्य भी रहें हैं एवं उत्तर प्रदेश रिलीज कमेटी द्वारा गेहूं की प्रजाति जेपी 131 तथा अरहर में जेपी 09 रजिस्टर्ड कर दी गई| साथ ही साथ माननीय डॉ एपीजे अब्दुल कलाम पूर्व राष्ट्रपति सन 2002 को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया|
माननीया श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल पूर्व राष्ट्रपति जी द्वारा प्रथम कृषक पुरस्कार एवं केंद्र सरकार राज्य सरकार द्वारा अनेकों अवसरों पर सम्मानित किये जा चुके हैं।


कक्षा आठ पास कृषक जय प्रकाश सिंह द्वारा तैयार गेहूं जेपी 151 प्रति एकड़ उत्पादन 26 कुंटल तक मिला है, फसल का समय 120 दिन सिंचाई पलेवा के बाद 2 पानी रोटी खाने में स्वादिष्ट एवं मुलायम प्रति एकड़ बीज की मात्रा 40 किलोग्राम एवं आयरन की मात्रा पाई गई है।
इनके गेहूं चौड़े पत्ते एवं मजबूत तनों वाले होते हैं जिससे हवा में गिरने का डर कम रह जाता है। चना 256 गोल्ड,प्रति एकड़ बीज की मात्रा 30 किलोग्राम प्रति एकड़ उत्पादन 10 से 12 कुंतल फसल का समय 130 दिन फली मे चेदक रोग पीला मोजायक नहीं लगते किसान भाई चने का बीज जरूर लगाएं देशी सब्जी बीज संरक्षण, जहां अन्य गेहूं के बीजों की बालियों की साइज़ 4 इंच तक होती है वहीं जेपी के गेहूं की बालियां 6 इंच तक पाई जाती हैं और एक बाली में 65 से अधिक दाने मिलते हैं वहीं अन्य में महज 55 दाने ही प्राप्त होते हैं।


इस प्रकार किसान भाई जेपी के गेहूं के बीजों का इस्तेमाल कर अपनी उपज 1.3 गुना ज्यादा पा सकते हैं और कम खाद में तैयार कर सकते हैं
इन्होंने कम पानी वाले श्रेत्र के लिए भी गेहूं की कुछ प्रजातियां तैयार की हैइसलिए किसान भाईयों से अनुरोध है की यह बीज लगाकर आप स्वयं के लिए बीज बनाएं अधिक उत्पादन प्राप्त करें।


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