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April 7, 2026
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दिव्यांगों द्वारा आरक्षण खत्म करने के विरोध में धरना प्रदर्शन

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राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन द्वारा दिव्यांगों का चार परसेंट आरक्षण खत्म करने के विरोध में किया जाएगा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन, 3 सितंबर को डीएम ऑफिस कलेक्ट्रेट का किया जाएगा घेराव

फ़रीद अंसारी/ उत्तरप्रदेश
बिजनौर : राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन द्वारा पूरे देश में दिव्यांग आरक्षण खत्म करने के विरोध में 3 सितंबर को डीएम ऑफिस कलेक्टेड बिजनौर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। तथा माननीय प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी महोदय बिजनौर को दिया जाएगा। और दिव्यांगों की विभिन्न समस्याएं जैसे आय प्रमाण पत्र अधिक रिपोर्ट लगाना सरकारी लाभ ना मिलना बेरोजगार दिव्यांगों को रोजगार व ऋण उपलब्ध कराना विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए भी ज्ञापन दिया जाएगा।


राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने कहां कि सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 18 अगस्त 2021 को एक अधिसूचना जारी कर कहा कि आरपीडी अधिनियम की धारा 34 जो सरकारी प्रतिष्ठानों में पीडब्ल्यूडी के लिए नौकरियों में 4% आरक्षण प्रदान करती है अब आईपीएस भारतीय रेलवे सुरक्षा बल सेवा और पुलिस के सभी श्रेणी के पदों पर लागू नहीं होगी दिल्ली अंडमान और निकोबार दीप समूह लक्ष्यदीप और दमन और दीव और दादरा और नगर हवेली की सेना साथ ही मंत्रालय ने एक और अधिसूचना जारी कर सुरक्षा बलो मैं लड़ाकू और गैर लड़ाकू विमान भूमिकाऔ के बीच अंतर क्या मंत्रालय ने सीमा सुरक्षा बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल भारत तिब्बत सीमा पुलिस सशस्त्र सीमा बल और असम राइफल्स में सभी लड़ाकू चौकियों को आरपीडी के गैर भेदभाव और आरक्षण प्रावधानों में छूट दी है।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमआर पाशा ने बताया कि पिछले साल जून में देश भर में 5000 से अधिक विकलांग लोगों ने नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर तालाबंदी के दौरान अपनी कठिनाइयों और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित गरीब कल्याण योजना में वित्तीय सहायता नहीं मिलने के बाद ठगा हुआ महसूस किया था दो किस्तों में ₹1000 की अनुग्रह राशि नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त करने के लिए राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन के बैनर तले यह अभियान चलाया गया था साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन कंपेन चलाकर पीएम मोदी को मेल भेजकर भी अपनी समस्याओं से अवगत कराया था लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है छूट केवल आरपीडी अधिनियम की धारा 34 के तहत प्रावधान की मंशा और भावना को ध्यान में रखते हुए लड़ाकू भूमिकाओं के मामलों में दी जानी चाहिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है की एक सामाजिक न्याय मंत्रालय जो विकलांगों के अधिकारी को रक्षा करता है और उन्हें सशक्त बनाता है वह इसके ठीक विपरीत काम कर रहा है उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों का उद्देश्य पीडब्ल्यूडी को काम पर रखने से पूरी छूट देना नहीं है बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें लड़ाकू भूमिका ए नहीं सौंपी जाए उन्होंने कहा कि यह निर्णय और भी चौंकाने वाला था क्योंकि दिल्ली पुलिस ने अक्टूबर 2019 को पीडब्ल्यूडी के लिए आरक्षण के साथ हेड कांस्टेबल मंत्री स्तरीय के लिए एक विज्ञापन जारी किया था राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन उत्तर प्रदेश सरकार को चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि विकलांगों के 4% आरक्षण में किसी प्रकार की चेतावनी बर्दाश्त नहीं की जाएगी यदि इसे वापस नहीं लिया गया तो राष्ट्रीय विकलांग एसोसिएशन पूरे उत्तर प्रदेश में सड़कों पर सरकार के खिलाफ उतरेगा।


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