समन्वय बनाकर कार्य करें गैस एजेंसी संचालक, किसी भी स्थिति में गैस एजेंसी की शिकायतें प्राप्त न हो, कलेक्टर ने गैस एजेन्सी संचालकों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा बैठक
सागर / ब्यू्रो
माता-बहनों को चूल्हे के धुंए से आजादी दिला कर उन्हें उज्जवला योजना के माध्यम से गैस सिलेंडर देने के साथ ही उनके जीवन स्तर में भी बड़ा बदलाव लाया गया है। भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा उज्जवला 2.0 अंतर्गत देश में अतिरिक्त 1 करोड़ एलपीजी गैस कनेक्शन जारी करने हेतु एसओपी में संशोधन किया गया है।
प्रधानमंत्री उज्जवला योजनान्तर्गत नवीन गैस कनेक्शन जारी किये जाने पर समस्त पात्र हितग्राहियों को डिपॉजिट फ्री कनेक्शन के साथ-साथ प्रथम रिफिल एवं स्टोव (हॉट प्लेट) निःशुल्क प्रदान किये जायेंगे। इस संबंध में कलेक्टर दीपक सिंह ने आज एक बैठक में गैस एजेन्सी संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसी संचालक विभाग से समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने हिदायत दी कि किसी भी परिस्थिति में शिकायतें नहीं आनी चाहिए, अन्यथा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ये होंगे पात्र हितग्राही
कलेक्टर दीपक सिंह ने बताया कि, उज्जवला 2.0 के अंतर्गत ऐसी व्यस्क महिला गैस कनेक्शन प्राप्त करने हेतु पात्र होगी जो गरीब गृहस्थी से संबंध रखती है। उनकी गृहस्थी में किसी प्रकार का गैस कनेक्शन स्थापित नहीं है। योजना में निम्नानुसार पात्र श्रेणियों को शामिल किया गया है।
- जो एसईसीसी 2011 सूची अनुसार पात्र हैं।
- अनुसूचित जाति, जनजाति गृहस्थी, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों, अंत्योदय अन्न योजना, वनवासी, अति पिछड़ा वर्ग, चाय और पूर्व चाय बागान जनजातियों, द्वीप एवं नदी द्वीप में निवासरत। इस प्रकार उक्त सात श्रेणी में संबंध रखती हो। इस हेतु पात्र श्रेणी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
- यदि आवेदिका उपरोक्त क्र-01 एवं 02 अंतर्गत नहीं आती है एवं गरीब गृहस्थी से संबंध रखती है तो योजना का हितग्राही होने के दावे के रूप में 14 बिन्दुओं का घोषणा पत्र भरना आवश्यक होगा।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
उज्जवला 2.0 के अंतर्गत नामांकन हेतु आवेदिका को निम्नानुसार दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।मानक प्रारूप में विधिवत हस्ताक्षर एवं फोटोयुक्त केवायसी फार्म।
पहचान का प्रमाण-पत्र।
निवास प्रमाण-पत्र।
आवेदिका का आधार की प्रति।
परिवार के समस्त व्यस्क सदस्यों के आधार की प्रति।
आवेदिका के बैंक खाते का विवरण।
राशन कार्ड अथवा समग्र आईडी।
आवेदिका का प्रवासी होने की स्थिति में परिवार संयोजन की जानकारी संबंधी स्व-घोषणा पत्र।
यदि आवेदिका उपरोक्त अ (2) के अंतर्गत 7 श्रेणियों से संबंध रखती है तो पात्र श्रेणी का प्रमाण पत्र।
गरीब गृहस्थी से संबंधित होने के दावे के रूप में 14 बिन्दुओं का घोषणा पत्र।
इस प्रकार सभी पात्र हितग्राही आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। कलेक्टर श्री दीपक सिंह ने बताया कि, आगामी 7 सितंबर को एक आयोजन में हितग्राहियों को इसका लाभ दिया जाएगा। इसके पूर्व सागर जिले में करीब 1 लाख कनेक्शन के लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए आवश्यक प्रारूप में टैक्स कलेक्टर आदि के माध्यम से आवेदन पूर्ण कराया जाए। साथ ही लोक सेवा केंद्र के माध्यम से इनकी ऑनलाइन फीडिंग भी सुनिश्चित की जाए।

