महाराष्ट्र / प्रमोद कुमार
पुणे : हाल ही में महाराष्ट्र राज्य में अनलॉक नियमों की घोषणा की गई। राज्य के 25 जिलों में पाबंदियों में ढील दी गई है। इसमें दुकानों की समय सीमा बढ़ा दी गई है जबकि पाबंदियों में ढील दी गई है। हालांकि पुणे में कोरोना संक्रमितों की संख्या कम होने के बाद भी प्रतिबंध में ढील नहीं दी गई है। राज्य के 11 जिलों में जहां मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वहां पर प्रतिबंध बरकरार है।
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हालांकि, राज्य के बाकी हिस्सों में दुकानों को रात 10 बजे तक भारी रियायतों के साथ खुले रहने की अनुमति दी गई है। साथ ही अन्य दैनिक लेनदेन की अनुमति है। हालाँकि, पुणे मनपा अभी भी सख्त नियमावली में ही है इसलिए यहाँ के लोग बहुत नाराज हैं। पुणेकर के मन की नाराजगी महापौर मुरलीधर मोहोल ने बोलकर जताई थी। राज्य में अनलॉक नियमों की घोषणा की गई है। पुणे शहर में छूट नहीं मिलने पर मेयर मुरलीधर मोहोल ने नाराजगी जताई थी। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे और मुख्य सचिव सीताराम कुंटे ने पुणे लॉकडाउन नियमों पर चर्चा की है।
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पुणे के पालक मंत्री अजित पवार की सीधी भूमिका निभाने के बजाय अब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने एक भूमिका निभाई है। अगर पुणे मनपा मौजूदा सख्त नियमों में छूट चाहता है, तो मनपा राज्य सरकार के पास प्रस्ताव भेजे, यह भूमिका राजेश टोपे ने ली है। राज्य के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे और स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के बीच बीती रात बैठक हुई। टोपे ने कहा कि इस बैठक में पुणे मनपा को मौजूदा सख्त नियमों में छूट देने के मुद्दे पर चर्चा की गई। टोपे ने कहा है कि अगर पुणे मनपा राहत के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजता है तो मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से चर्चा कर अंतिम फैसला लेंगे। इसलिए अब राज्य में पुणे मनपा को सख्त नियमावली से भविष्य में छूट मिलेगी क्या, इस पर नजर है।

