जबलपुर / ब्यूरो
जबलपुर में पत्रकारिता की धौंस दिखाकर अड़ीबाजी करने वाले तथाकथित पत्रकारों की एक गैंग को मदनमहल पुलिस ने देर रात गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने बेवजह दबाव बनाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं है। युवती का जबरन आपत्तिजनक वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देते हुए एक लाख रुपए की मांग करने की शिकायत पीड़िता ने मदनमहल थाना में की थी। महिला संबंधी मामला होने के कारण पुलिस ने एक्शन लेते हुए कार्रवाई की तो अड़ीबाजी करने वाले अपने आप को पत्रकार बताकर पुलिस पर धौंस जमाने लगे।
पीड़िता ने अड़ीबाजी करने वाले जेपी सिंह , अर्पित ठाकुर , रवि वेन , शैलेंद्र गौतम , पंकज गुप्ता , संतोष जैन सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 452 , 354 , 354 ( क ) 354 ( ख ) 354 ( ग ) 327 , 294 , 323 , 506,147,148 के तहत अपराध दर्ज किया है।
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पुलिस ने जेपी सिंह , संतोष जैन , पंकज गुप्ता एवं विवेक मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ करते हुए शेष अन्य की तलाश कर रही है। एएसपी रोहित काशवानी ने बताया कि तिलवारा थाना क्षेत्र की रहने वाली 28 वर्षीय महिला 25 जुलाई को अपनी सहेली के घर शुक्ला नगर गई थी। सरिता (बदला हुआ नाम) ने पुलिस को बताया कि उसके बच्चे की तबीयत खराब थी। उपचार के लिए वह सहेली से कुछ रुपए उधार मांगने के लिए गई थी। सहेली के घर में निस्तार के लिए बाथरूम गई तभी अचानक कुछ लोगों की आवाज आने लगी । जेपी सिंह और अर्पित ने लात मारते हुए बाथरूम का दरवाजा खोला और वीडियो बनाते हुए आरोप लगाने लगे कि तुम वैश्यावृत्ति करती हो। सरिता ने पुलिस को बताया कि बाथरूम में जींस पहनते समय इन लोगों ने आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। जबकि उस वक्त घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं था।
वीडियो बनाने के बाद सभी लोग सहेली के साथ मारपीट करने लगे और धमकाते हुए ब्लैकमेल कर एक लाख रुपए की मांग करने लगे। रुपए न देने पर उक्त आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक लड़की ने शिकायत में यह भी कहा कि आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से बहुत बदनामी हो रही है। ऐसी बदनामी से अच्छा है कि आत्महत्या कर लूं। यदि मैं आत्महत्या करती हूं तो मेरी मौत के जिम्मेदार जेपी सिंह , अर्पित ठाकुर , रवि वेन , शैलेंद्र गौतम , पकंज गुप्ता , संतोष जैन सहित अन्य होंगे।

धमकी देने और ब्लैकमेल करने की शिकायत पर ग्वारीघाट पुलिस ने 3 नामजद सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध 452 , 294 , 506 , 327,147 , 34 के तहत एफआईआर दर्ज की है । ग्वारीघाट टीआई विजय परस्ते ने बताया कि भीमनगर निवासी 23 वर्षीय आशु उर्फ आशीष राजपूत की शिकायत पर विवेक मिश्रा , जेपी सिंह , पंकज गुप्ता सहित अन्य तीन के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है । आशीष राजपूत ने पुलिस को शिकायत में बताया कि पेशे से वह ड्राइवर है। 7 जुलाई की शाम 4 से 5 बजे के बीच वह भीम नगर स्थित किराए के घर में अपनी महिला मित्र के साथ था। तभी विवेक मिश्रा , जेपी सिंह , पंकज और तीन अन्य व्यकित आए और दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते ही सभी एकदम से अंदर घुस आए और गाली – गलौज करने लगे। आशीष ने बताया कि मेरे द्वारा पूछा गया कि आप लोग अचानक घर में कैसे घुस आए तो उन्होंने कहा कि हम क्राइम ब्रांच पुलिस जबलपुर से हैं । सभी लोगों ने एक राय होकर जान से मारने की धमकी देने लगे और रुपयों की मांग करने लगे। आशीष द्वारा रुपए न होने की बात कही गई तो उन्होंने बैंक के दो एटीएम लेकर उसका गोपनीय कोड पूछा और आए हुए 6 व्यक्तियों में से दो नेएटीएम जाकर 24 हजार रुपए निकाल लिए। इसी दौरान इन लोगों ने 1500 नगद भी डरा धमकाकर ले लिए। आरोपियों ने कहा कि फोन – पे से अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दो । खुद को क्राइम ब्रांच वाला बताने वाले सभी आरोपियों ने फरियादी आशीष को छोटी लाइन फाटक स्थित एक मोबाइल दुकान में ले जाकर फोन – पे के माध्यम से 11 हजार रुपए ट्रांसफर कराए फिर दुकानदार से नगद 11 हजार रुपए लेकर चले गए। जहाँ आज आशीष राजपूत ने आज ग्वारीघाट थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गौरतलब है कि पुलिस गिरफ्त में आए इनमें से कुछ आरोपियों के नाम पहले भी विवादित ब्लैकमेलिंग मामलों में जुड़ चके हैं। जिसमें धनवंतरि नगर का प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ब्लैकमेलिंग का मामला सुर्खियों में रहा।


