कलेक्टर ने दिये स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में गति लाने के निर्देश
अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई देने पर कार्यवाही की चेतावनी
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न
जबलपुर/सजल सिंघई
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जिले में 19 जुलाई से प्रारम्भ हो रहे एक माह के दस्तक अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, सीएमएओ डॉ रत्नेश कुररिया, सभी बीएमओ तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
करीब चार घंटे चली इस बैठक में कलेक्टर ने कोरोना काल के दौरान दी गई श्रेष्ठ सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर ज्यादा ध्यान देना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में कुपोषित बच्चों की संख्या के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाने पर बीएमओ पनागर डॉ संतोष ठाकुर एवं बीएमओ शहपुरा डॉ जोया खान को फटकार लगाई वहीं बीसीएम पनागर को शोकाज नोटिस देने सीएमएचओ को निर्देश दिए हैं। उन्होंने सीएमएचओ डॉ कुररिया से कहा कि जन्म व मृत्यु की जानकारी समय पर नहीं देने वाले निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम्स को शो-कॉज नोटिस जारी किये जायें तथा उनके खिलाफ कार्यवाही की जाये।
कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करने चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा भी की तथा जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में लगातार आ रही कमी पर संतोष व्यक्त किया । कलेक्टर ने प्रसव के दौरान प्रसूता की मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण में डेथ आडिट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी बैठक में दिये ताकि मृत्यु के मुख्य कारणों का पता चल सके और उन्हें दूर किया जा सके। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं एवं बच्चों के लिये चलाये रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों द्वारा इन कार्यक्रमों के लिये जुटाये गये आंकड़ों में एकरूपता होनी चाहिए।
श्री शर्मा ने गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व की जाने वाली सभी जांचों को तय समय पर करने के निर्देश देते हुए कहा कि गर्भावस्था एवं प्रसव के दौरान केन्द्र और राज्य शासन की योजनाओं के तहत दी जाने वाली सहायता राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाये। कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं की एंट्री एवं भुगतान के बैकलॉक को पांच दिन में क्लियर करने के निर्देश देते हुए कहा कि ऐसा नहीं हो पाने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही की जायेगी।
कलेक्टर ने बैठक में गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के नियमित टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि टीकाकरण के बैकलॉक को क्लीयर करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों खासतौर पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में तैनात चिकित्सकों को जवाबदेही तय की जाए।
कलेक्टर ने बैठक में मलेरिया, चिकिनगुनिया एवं डेंगू की रोकथाम के लिए किये जा रहे प्रयासों की जानकारी भी ली। श्री शर्मा ने मलेरिया, डेंगू और चिकिनगुनिया के रोकथाम के मद्देनजर हाईरिस्क एरिया को चिन्हित कर सघन सर्वे करने के निर्देश भी दिये। बैठक में कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केन्द्रों की आक्यूपेंसी का ब्यौरा लिया तथा राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम, अंधत्व निवारण कार्यक्रम एवं क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा भी की।


