सुरेश रजक/संवाददाता
वनवृत्त बिजावर के वनों में इन दोनों इमारती लकड़ी(सागौन) के चोरों द्वारा जमकर उत्पाद मचाया जा रहा है आलम यह है कि इमारती लकड़ी के चोरों द्वारा रोड के समीप लगे वृक्षों का भी बड़ी आसानी से सफाया किया जा रहा है।
इमारती लकड़ी के चोरों को वन विभाग का कोई डर नहीं रह गया है और वे अपने मनमाफिक सागौन के वृक्षों को काट रहे हैं और वन विभाग कुंभ करनी नींद में सोया हुआ है।

वन विभाग के द्वारा कार्यवाहियां न होने से अब चोरों में वन विभाग का कोई भय नहीं है वे अंधाधुंध सागौन की लकड़ी की कटाई करने में लगे हैं यहां समझने वाली बात यह है कि सागौन की लकड़ी के चोरों द्वारा लकड़ी का विक्रय कहां किया जाता है और किसके संरक्षण में यह कुकृत्य किया जा रहा है अब कार्यवाहियां न होने के कारण जो भी हो वह तो वनविभाग ही बता सकता है लेकिन अगर वनों से सागौन की लकड़ी की कटाई को रोका नहीं गया तो वह दिन दूर नहीं जब सागौन की लकड़ी से भरपूर हमारा क्षेत्र सागौन विहीन हो जाएगा और उसके लिए जिम्मेदार वही अधिकारी और कर्मचारी होंगे जो वनों की सुरक्षा के नाम सिर्फ खानापूर्ति करने में लगे है।

