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September 10, 2026
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राघवेंद्र त्रिपाठी रचित गीत ‘वंदे मातरम’ टीसीरिज से हुआ रिलीज

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गायत्री साहू,

मुम्बई। एक गीत की रचना करना कोई साधारण बात नहीं होती जिन्हें शब्दों और साहित्य का ज्ञान हो वही ये कार्य कर सकता है। ऐसी ही विलक्षण प्रतिभा के धनी हैं राघवेंद्र त्रिपाठी जो उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले हैं और मायानगरी मुम्बई उनकी कर्मभूमि है। राघवेंद्र ने बी ई इलेक्ट्रॉनिक्स में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया है लेकिन साहित्य के प्रति उनका प्रगाढ़ लगाव है। काफी समय से राघवेंद्र लेखन का कार्य कर रहे हैं। हर विधा के गीत खासकर भजन, गजल, रोमांटिक गीत, दर्दभरे गीत और पर्व या त्यौहार से संबंधित गीत लिखते हैं। हाल ही भाई बहनों के प्रेम को दर्शाने वाला रक्षाबंधन त्योहार पर इनका गीत ‘राखी का बंधन’ लॉन्च हो चुका है और 75 वाँ आज़ादी का अमृत महोत्सव गीत ‘वंदे मातरम’ भी रिलीज हो चुका है।

इन गीतों की शब्द रचना राघवेंद्र ने की है। इन दोनों गीतों के म्यूजिक वीडियो में अभिनेता रूद्र कुमार ने अभिनय किया है और इस सिंगल के निर्माता और निर्देशक आलोक मसीह है। संगीतकार धर्मेंद्र भदौरिया ने इसे संगीतबद्ध किया है और मशहूर गायक देव नेगी ने ‘वंदे मातरम’ गीत को अपनी आवाज दी है। राखी के पावन पर्व पर बने म्यूजिक वीडियो ‘राखी का बंधन है’ को मशहूर गायक उदित नारायण ने अपनी आवाज के जादू से सजाया है जिसमें उनका साथ सिंगर आयुषी राव ने दिया है। रुद्रा फिल्म के बैनर तले म्यूजिक वीडियो ‘वंदे मातरम’ को टीसीरिज ने रिलीज किया है। वहीं रक्षाबंधन पर विशेष ‘राखी का बंधन है’ गीत को रेड रिबन म्यूजिक कंपनी ने रिलीज किया।

राघवेंद्र जब स्कूल में थे तो हिंदी साहित्य की किताब में रामधारी सिंह दिनकर, जयशंकर प्रसाद जैसे महान साहित्यकारों की रचना से काफी प्रभावित हुए। रघुपति सहाय ‘फिराक’ गोरखपुरी की रचना ‘गुले नगमा’ गजल संग्रह से राघवेंद्र बहुत अधिक प्रभावित हुए और लेखन के प्रति उनकी और अधिक रुचि बढ़ गयी। गुलजार की गजल और नज़्मों को भी ये बेहद पसंद करते हैं।

उनका पहला भजन भगवान गणेश को समर्पित था। यह भजन अनूप जलोटा ने गया था जिसका नाम था ‘वरद विनायक’। राघवेंद्र ने कई गीत लिखे हैं जिसे अनूप जलोटा, देव नेगी, उदित नारायण जैसे प्रसिद्ध गायकों ने अपनी आवाज दी है। राघवेंद्र त्रिपाठी की अभिनय में भी रुचि है वे रंगमंच में अभिनय कर चुके हैं।

राघवेंद्र का कहना है कि बस आप रिदम में रहो गीत खुद ब खुद बन जाते है। लेकिन रात, बारिश और दर्द भरे माहौल में गाने लिखने का समां और खूबसूरत हो जाता है।


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