संकलन व सोलो पुस्तक का सफलतापूर्वक प्रकाशन
उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के बाँदा जिले में स्थित बुंदेलखंड पब्लिकेशन हाउस द्वारा विगत वर्षों में कई विषयों पर कई संकलन व सोलो बुक इत्यादि का निःशुल्क सफलतापूर्वक प्रकाशन किया गया। बुंदेलखंड पब्लिकेशन हाउस (बी.पी.एच.) के संस्थापक अब्दुल रहमान (रहमान बाँदवी) द्वारा बताया गया कि इसी क्रम में इस बार भी रक्षाबंधन के मौके पर *राखी का बंधन* नामक संकलन में देश के विभिन्न लेखकों ने अपनी रचनाओं को प्रस्तुत किया है जिसको *नरेंद्र कुमार रायकवार व रहमान बाँदवी* के द्वारा संकलित किया है। इस संकलन को सफल बनाने वाले सह-लेखकों के नाम क्रमशः इस प्रकार हैं- आदरणीय/आदरणीया
1. हर दीपाँश बहादुर सिन्हा
2. Aarti Nigam
3. Lipsa Dabhi
4. दिव्यांशु पांडेय “बिट्टू”
5. Jasmine Panda
6. Shivam Antapuriya
7. Seema Rajesh Singh
8. Dr. Ramchander Swami
9. Seema Verma
10. Deesha Soni
11. सुधा सक्सेना (पाक रूह)
12. Harshita Verma
13. Mohanapriya.K
14. विनोद कुमार सीताराम दुबे
15. Rekha Kanwarpal Yadav
16. Gurudayal Jhariya
17. Rajesh Kumar Verma “Mirdul”
18. Kashish Gupta
19. देवी बहन व्यास
20. Anuj Patairaya
21. लोकेश कुमार मीणा
22. Rozy Paul
23. ANKITA NAHAR
24. Alka Jain
25. रमाकांत सोनी नवलगढ़
26. Ravishanker Nishad (ARVI)
27. Jawahar B Lalla
28. Sabiya Rubbani
29. ANURADHA
30. सुशी सक्सेना
31. आभा मिश्रा
32. अस्तुति गोगिया (आवरण पृष्ठ डिजाईनर)
संकलक द्वारा बताया गया कि इस संकलन में सभी सह-लेखकों ने बहन का हमारे जीवन में महत्त्व,भूमिका, प्रेम, नोक-झोंक इत्यादि को रचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए इस संकनल को पूर्ण करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन अमीन पद पर कार्यरत श्री मुहम्मद सरदार खान (सरदार बाँदवी) पुत्र श्री स्व. मुहम्मद सलीम खान की “यादों के झरोखे* नामक पुस्तक प्रकाशित हुई जिसमें बेरोजगार नवयुवकों को और आने वाली पीढ़ी को आपबीती बताकर सफलता की ओर बढ़ने का आग्रह किया है। रचनाओं में ईश्वर के प्रति अटूट आस्था है। यह पुस्तक “यादों के झरोखे” यह इंगित करती है कि बिना कड़ी लगन के,बिना आत्म बल के,बिना पुरुषार्थ के,बिना ईश्वर के हुक़्म के सफलता हासिल नहीं की जा सकती।
इस प्रकार दोनों पुस्तकों को निःशुल्क प्रकाशित किया गया जो अमेज़न व फिल्पकार्ट इत्यादि अन्य प्लेटफार्म पर भी ई-बुक व पेपरबैक दोनों रूप में उपलब्ध हैं व राखी का बंधन जल्द ही पेपरबैक में भी उपलब्ध होगी।

