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July 26, 2026
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मध्यप्रदेश

छतरपुर: डीएफओ सहित तीन लोगों पर अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश

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छतरपुर डीएफओ सहित तीन कर्मचारियों के विरुद्ध सीजेएम कोर्ट ने दिया अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश

छतरपुर/ब्यूरो

प्राप्त जानकारी के अनुसार गजेंद्र कुमार चौरसिया पुत्र रामदयाल चौरसिया निवासी पेप्टेक टाउन एवं परिवादी चंद्रशेखर चौरसिया पुत्र दीनदयाल चौरसिया निवासी भोपाल ने अनुराग कुमारवन मंडल अधिकारी सामान्य वन मंडल छतरपुर, रामकुमार उप वन मंडल अधिकारी छतरपुर, बृजेन्द्र निरंजन वन रक्षक बीट गार्ड हमा थाना कोतवाली छतरपुर जिला छतरपुर के विरुद्ध धारा 62 भारतीय वन अधिनियम 1927 के अंतर्गत सीजेएम के न्यायलय में परिवाद प्रस्तुत किया, परिवादी ने परिवाद में यह बताया कि भूमि खसरा नंबर 310 एवं लगी भूमि मौजा सौरा तहसील व जिला छतरपुर आवेदक चंद्रशेखर तथा उसके भाई मनोज कुमार के स्वत्व अधिपत्य की है इसके अंशभाग पर फैक्ट्री संचालित की जाती रही है आवेदक की उक्त भूमि से ही 0.118 हे भूमि फोर लाइन हेतु अधिकृत की गई है जिसका मुआवजा आवेदक को प्राप्त हुआ था आवेदक चंद्रशेखर भोपाल में निवास करते हैं तथा अपने निजी कार्यों में व्यस्त रहने के कारण समस्त भूमि के संबंध में आवेदक गजेंद्र कुमार चौरसिया को मुख्तियार आम बनाकर पैरवी हेतु नियत किया ,दिनांक 23 मार्च 2021 से अनुराग कुमार डीएफओ रामकुमार ,बृजेंद्र निरंजन वनरक्षक बीटगार्ड दिनांक 30/ 8/ 2021 के रूप में पदस्थ थे, और दिनांक 30अगस्त 2021 को सुनील पहा रिया की जेसीबी एमपी 16 da0 220 ग्राम गरौली स्थित फॉर्म हाउस से काम कर छतरपुर आ रही थी जिसे आवेदक गजेंद्र कुमार चौरसिया ने हिसाब करने हेतु फोर लाइन से लगे खंबे के पास खसरा नंबर 310 के पास खड़ी करवाकर फैक्ट्री के पास ले गए आवेदक की फैक्ट्री के पास खड़ी कर दी , इसी दौरान वन मंडल अधिकारी अनुराग कुमार के निर्देश पर राम कुमार उप वन मंडल अधिकारी एवं बृजेंद्र निरंजन वन रक्षक टीम सहित आए और उसके जेसीबी बिना अवैधानिक रूप से आवेदक गणों को तंग करने के आशय से अधिग्रहित कर ले गए,आवेदक ने अनावेदक गणों द्वारा उसकी टीम को कई बार कहा कि उपरोक्त जेसीबी आवेदक गणों के स्वत्व अधिपत्य की भूमि खसरा नंबर 310 में रखी है उसी वन विभाग को जप्त करने का कोई अधिकार नहीं है, अन आवेदक गणों के द्वारा जेसीबी जब्ती के संबंध में ना ही कोई जब्ती पंचनामा बनाया ना ही पंचनामा बनाया और अना आवेदक गण क्र 2,3 ने आवेदक से कहा कि यदि वन मंडल अधिकारी कहेंगे तो जेसीबी छोड़ देंगे, आवेदक वनमण्डल अधिकारी से निवेदन के लिए भी गए परंतु वन मंडल अधिकारी ने भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया किंतु अन आवेदक ने आवेदक की जेसीबी नहीं छोड़ी एवं आवेदक से मिलने से इंकार कर दिया आवेदक ने दिनांक 30 अगस्त 2021 को थाना प्रभारी कोतवाली छतरपुर के समक्ष लिखित आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था परंतु थाना प्रभारी छतरपुर के द्वारा भी कोई कार्यवाही वन विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध नहीं की गई अनावेदक सुनील कुमार पहा रिया को क्षति पहुंचाने के आशय से जेसीबी जानबूझकर जप्त कर रखी है तथा अग्रिम कार्रवाई नहीं कर रहे हैं इस कारण आवेदक गजेंद्र चौरसिया और चंद्रशेखर चौरसिया ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 200 के अंतर्गत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉक्टर रविकांत सोलंकी की न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया परिवाद के तथ्यों एवं परिवाद में उपस्थित साक्षियों के साक्ष्य व दस्तावेजी साक्ष्यों के अध्ययन करने के पश्चात न्यायालय ने यह पाया कि यह प्रथम दृष्टया प्रकट होता है कि दिनांक 30अगस्त 2021 को परिवादी के द्वारा उसके स्वत्व अधिपत्य की भूमि पर वाहन जेसीबी से कार्य कराया जा रहा था जिसे अन आवेदक गणों ने अवैध रूप से जप्त कर ले जाया गया जिससे प्रतीत होता है कि परिवादी के वाहन का दोष पूर्ण रूप से अधिग्रहण किया है जो धारा 62 भारतीय वन अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय है और आरोपी अनुराग कुमार वन मंडल अधिकारी, राजकुमार उप वन मंडल अधिकारी, बृजेंद्र निरंजन वनरक्षक बीट गार्ड हमा छतरपुर जिला छतरपुर के विरुद्ध धारा 62 भारतीय वन अधिनियम का अपराध बनता है इस कारण 3 आरोपियों के विरुद्ध परिवाद पंजीबद्ध किया जाने का आदेश दिया।


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