जबलपुर/ब्यूरो
ईओडब्ल्यू ने 7.61 करोड़ की आर्थिक अनियमितता पर दर्ज की एफआईआर, मैथोडिस्ट चर्च पर नजूल का पैसा नहीं जमा करने पर कार्रवाई
मैथोडिस्ट चर्च के डिस्ट्रिक सुपरीडेंटेंड सहित पांच लोगों के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. आरोपियों ने 2004 व 2005 में नजूल की जमीन के लीज नवीनीकरण का आदेश कराने के बावजूद भू-भाटक नहीं जमा किया. लगभग 7.61 करोड़ रुपए की शासन को चपत लगाई है।
पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू स्वर्णजीत सिंह धामी ने बताया कि सिविल स्टेशन की नजूल की भूमि के लीज नवीनीकरण का पैसा नहीं जमा कराने को लेकर पूर्व में शिकायत मिली थी. शिकायत में नजूल प्लाट नंबर 4, 5, 8/1 सिविल स्टेशन की नजूल भूमि पर शासन की ड्यूटी की चोरी करने और भू-भाटक प्रीमियम न जमा कर शासन को करोड़ों की नुकसान का दावा किया गया था।
इसी तरह ब्लॉक नंबर 4 और प्लाट नंबर 8/1 की 2.9838 एकड़ नजूल की भूमि का लीज नवीनीकरण का आवेदन पेश करने पर रांझी तहसीलदार की अनुशंसा पर कलेक्टर ने 13 दिसंबर 2004 को भू-भाटक जमा करने पर लीज नवीनीकरण के आदेश जारी किए थे. बावजूद भू-भाटक की प्रीमियम राशि जमा नहीं गई. मैथोडिस्ट चर्च इन इंडिया के पदाधिकारियों के द्वारा नजूल की भूमि के पट्टों का पंजीयन और साथ ही भू-भाटक की राशि 7 करोड़ 62 लाख 16 हजार 432 रुपए की शासन को क्षति पहुंचाई है।
ईओडब्ल्यू ने आज पांचों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया. आरोपियों में तत्कालीन डिस्ट्रिक सुपरीडेंटेंड मैथोडिस्ट चर्च इन इंडिया रेव जॉन आरए साइमन एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी मनीष गीडियन, विशप मैथोडिस्ट चर्च एमए डेनियल, ले लीडर रविकुमार प्रसाद और ट्रेजरार चर्च इन इंडिया रीजनल कान्फ्रेंस एरिकनाथ को आरोपी बनाया गया है।

