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June 8, 2026
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महाराष्ट्र

स्कूलों-संस्थानों को सौर ऊर्जा में सक्षम बनाने की पहल

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संतोष साहू,

सनपावर ने की प्रज्ञा फाउंडेशन के साथ साझेदारी

मुंबई। सनपावर रिन्यूएबल्स, ऊर्जा भंडारण उत्पादों में वैश्विक अग्रणी है, सौर अवसंरचना स्थापित करने और 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान करने वाले अपने सभी सौर जनरेटर के माध्यम से इन स्कूलों को ऊर्जा स्वतंत्रता प्रदान करने के लिए गैर – सरकारी विकास संगठन, प्रज्ञा के साथ भागीदारी की है। बिजली कटौती न होने के चलते, अब शिक्षक गर्मी के मौसम में भी अध्यापन पर ध्यान दे सकते हैं और छात्र मन लगाकर अध्ययन कर सकते हैं। स्कूलों में स्थापित क्लियो इकाइयां पोर्टेबल, प्लग एंड प्ले, सौर ऊर्जा जनरेटर और भंडारण समाधान हैं। इनमें सौर ऊर्जा पैदा करने और स्टोर करने के लिए इन-बिल्ट इन्वर्टर और 400Wh लिथियम – आयन बैटरी है और ये स्कूलों को स्वच्छ, ध्वनिरहित और धूमहीन ऊर्जा प्रदान करते हैं। प्रत्येक क्लियो इकाई को कहीं भी और कभी भी कनेक्टेड 24V, 200W सौर पीवी पैनल का उपयोग करके चार्ज किया जा सकता है और ये एसी एवं डीसी दोनों तरह की बिजली वितरित करने में सक्षम हैं।

सनपावर रिन्यूएबल्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राहुल काले ने कहा कि अक्षय ऊर्जा का उपयोग करके स्कूलों को ऊर्जा स्वतंत्र बनाने की यह पहल हमारे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करेगी। हमने सौर ऊर्जा की क्षमता दिखाने के लिए दो स्कूलों के साथ शुरुआत की है कि यह सफलतापूर्वक छात्रों को कक्षाओं में भाग लेने के लिए कैसे प्रेरित कर सकता है। ये दो स्कूल लागत को कम करते हुए स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा प्रदान करने के लिए जीवाश्म ईंधन के मुकाबले सौर प्रणालियों के प्रभावी उपयोग पर केस स्टडी के रूप में काम करेंगे।
प्रज्ञा फाउंडेशन के निदेशक सुनील पिल्लई ने कहा कि टिकाऊ परिवर्तन में योगदान देने के हमारे प्रयास में, हमने गुरुग्राम के दो सरकारी स्कूलों में सनपावर रिन्यूएबल्स द्वारा विकसित अत्याधुनिक सौर इकाइयों को स्थापित किया, ताकि वो स्वतंत्र रूप से हरित ऊर्जा उत्पन्न कर सकें। किफायती और विश्वसनीय ऊर्जा संसाधन तक पहुंच सुनिश्चित करके, इस पहल ने 700+ छात्रों को लाभान्वित किया है क्योंकि यह उन्हें शिक्षा की बेहतर गुणवत्ता प्रदान करने में सक्षम बनाती है जिसमें अब सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित शिक्षाशास्त्र शामिल हो सकता है। कई सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के मद्देनजर, यह एक दुर्लभ अवसर है। पूरे उपक्रम को गुड़गांव स्थित एक वैश्विक एनजीओ प्रज्ञा द्वारा संभव बनाया गया था, जो विकासशील देशों में कई विकास परियोजनाएं चलाती है और प्रौद्योगिकी एवं अभिनव हस्तक्षेप के जरिए स्थिरता पर जोर देती है।
ये पहल टिकाऊ सौर ऊर्जा प्रदान करने के माध्यम से भारत के राष्ट्रीय सौर मिशन का भी समर्थन करेगी जो पर्यावरण के अनुकूल और किफायती है।


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