39.1 C
Madhya Pradesh
April 17, 2026
Bundeli Khabar
Home » नेताजी सुभाषचंद्र बोस नोबेल पीस अवार्ड से सम्मानित हुए फिल्म व सामाजिक क्षेत्र के विशिष्ट हस्तियां
मनोरंजन

नेताजी सुभाषचंद्र बोस नोबेल पीस अवार्ड से सम्मानित हुए फिल्म व सामाजिक क्षेत्र के विशिष्ट हस्तियां

Bundelikhabar

संतोष साहू,

मुम्बई। दादा साहेब फाल्के आइकॉन अवार्ड फ़िल्मस (DPIAF) ऑर्गनाइजेशन के माध्यम से रोटी एंड कपड़ा बैंक, केजे टॉकीज ओटीटी प्लेटफॉर्म प्रेजेंट्स बहुत ही प्रतिष्ठित अवार्ड शो नेताजी सुभाषचंद्र बोस नोबेल पीस अवार्ड 2022 का आयोजन मुम्बई के फाइव स्टार होटल हॉलिडे इन में सम्पन्न हुआ। शो के ऑर्गनाइजर कल्याणजी जाना ने बताया कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उनके नाम का अवार्ड शो करके मुझे गर्व हो रहा है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन किया था जिसका भारत की आजादी में बड़ा योगदान रहा है। आजाद हिंद फौज उस समय बनाई गई थी जब अंग्रेज हिंदुस्तानियों पर अत्याचार कर रहे थे। इस फौज ने पूरे भारत में ऐसी लहर फैलाई कि अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा। नेताजी एक ऐसे योद्धा थे जिन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका नारा था ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा’। मैं स्वयं को बेहद भाग्यशाली मानता हूं कि मैंने भी उसी धरती पर जन्म लिया है जहां नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे वीर योद्धा पैदा हुए थे।

गौरतलब हो कि समाज में अच्छे काम करने वाले सोशल वर्कर, एनजीओ चलाने वाले अध्यक्ष, फिल्मी दुनिया में योद्धा की तरह काम करने वालों, पुलिसकर्मियों, बीएमसी कर्मचारियों, डॉक्टर, वकीलों सहित ऐसे तमाम क्षेत्र में बेहतर काम करने वालों को सम्मानित किया गया। इस अवार्ड शो के आयोजक कल्याणजी जाना, सह आयोजक डॉ अंकिता जाना, डॉ भेरू जैन और डीपीआईएएफ के समस्त सदस्य हैं।

आपको बता दें कि सुभाष चन्द्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को हुआ था और मृत्यु 18 अगस्त 1945 को हुई। वह भारत के स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी और सबसे बड़े नेता थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ने के लिये उन्होंने आज़ाद हिन्द फौज का गठन किया था। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने जय हिंद का नारा दिया था जो भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया। “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूँगा” का नारा भी उन्होंने दिया था जो उस वक्त हिंदुस्तानियों में जोश का संचार कर रहा था। हिंदुस्तानी उन्हें नेता जी के नाम से सम्बोधित करते हैं।

कल्याणजी जाना ने बताया कि महादेव के आशीर्वाद से दादा साहेब फाल्के आइकॉन अवार्ड फ़िल्मस (DPIAF) ऑर्गनाइजेशन द्वारा इस साल का पहला शो 20 फरवरी को अँधेरी ईस्ट के आलिशान होटल हॉलिडे इन में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। आज की युवा पीढ़ी को वहां सुभाषचन्द्र बोस के कारनामों के बारे में बताया जाए यही इस अवार्ड शो का उद्देश्य था।

आपको बता दें कि कल्याणजी जाना की ऑर्गनाइजेशन दादा साहेब फाल्के द्वारा गरीबों को अनाज देने, दवाएं देने कपडे देने का काम पिछले कुछ वर्षों से किया जाता रहा है। कल्याणजी जाना दादा साहेब फाल्के आइकॉन अवार्ड फिल्म्स के फाउंडर और चेयरमैन हैं।


Bundelikhabar

Related posts

मार्शल आर्ट एक्सपर्ट चीता यज्ञेश शेट्टी ने ब्रूसली की 81वीं जयंती मनाते हुए ग्लोबल वार्मिंग के लिए किया सचेत

Bundeli Khabar

सुब्रत दत्ता, सुनीता रजवार और इश्तियाक खान की फिल्म “आँछि” छींकने वाली लेकिन यह एंटी-कोरोना कॉमेडी, रोते हुए को भी हँसा देगी

Bundeli Khabar

६७ व्या राष्ट्रीय चित्रपट पुरस्कार विजेत्या “राधा: द इटरनल मेलडी” या शॉर्ट ॲनिमेशन चित्रपटाच्या निर्मात्या, दिग्दर्शक व ॲनिमेटरचा आमदार सुनिल प्रभूंनी केला सत्कार

Bundeli Khabar
error: Content is protected !!