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July 18, 2026
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महाराष्ट्र

लोक कल्याण की दिशा में अग्रसर हैं डॉ परिन सोमानी

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गायत्री साहू,

मुम्बई। डॉ. परिन सोमानी भारत की बेटी है, जिनका आज लंदन में आशियाना है। यह किसी परिचय की मोहताज नहीं है। विश्व के अठत्तर देशों का भ्रमण करने वाली डॉ. परिन ने अपने जीवन में बहुत सारे खट्टे मीठे अनुभव संजोए हैं। इस अनुभवों को एकत्रित कर वह लोक कल्याण की दिशा में अग्रसर हैं। बचपन से ही मदर टेरेसा को अपना आदर्श मानने वाली इस महिला ने समाज सेवा और मानवता से कभी मुख नहीं मोड़ा। इनके जीवन में काफी उतार चढ़ाव आये पर ये अपने आदर्शों के रास्ते से डिगी नहीं और निःस्वार्थ भाव से अपने कार्यों में लगी रही। जिस समय महिलाओं को आगे पढ़ने नहीं दिया जाता उस समय डॉ. परिन ने अपने स्नातकोत्तर की शिक्षा पूर्ण की और अपनी पढ़ाई आगे भी जारी रखी।

डॉ. परिन सोमानी ने छह डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) शिक्षा मीडिया के क्षेत्र में, डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) शिक्षा नेतृत्व के क्षेत्र में, मानविकी (ह्यूमैनिटी) क्षेत्र में मानद डॉक्टरेट (ऑनर्स कोर्स), दो डॉक्टरेट की उपाधि सम्मान के रूप में दिया गया पहली लिटरेचर (साहित्य) में डि.लिट् और दूसरी ग्लोबल एजुकेशन (वैश्विक शिक्षा) में। साथ ही उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में पांच बार मान्यता दी गई है। शिक्षा, महिला अधिकारिता और युवा विकास के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर समाज की मदद करने के उद्देश्य से डॉ. परिन सोमानी ने दुनिया भर के 87 से अधिक देशों की यात्रा की है। वह स्वतंत्र अकादमिक विद्वान, शिक्षक, टेडएक्स स्पीकर, अंतर्राष्ट्रीय प्रेरक वक्ता, लेखक, मानवतावादी, परोपकारी और बहु-अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार के क्षेत्रों में विजेता रही हैं।

डॉ. परिन सोमानी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एक विद्वान के रूप में एकेडेमिया में अच्छी तरह से जुडी हुई है। वह सिंडिकेट सदस्य हैं, वहीं सेंट मदर टेरेसा विश्वविद्यालय, विजिटिंग रिसोर्स पर्सन, गुजरात यूनिवर्सिटी और सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी, फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी सहित कई और शैक्षणिक संस्थान एवं एनजीओ के साथ मिलकर कार्य कर रही हैं। परिन महज उन्नीस वर्ष की आयु में ही ग्यारह पुस्तक लिखकर लेखन जगत में अपना नाम रोशन कर चुकी हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में भी इनका योगदान रहा है। इन्होंने अहमदाबाद दूरदर्शन में वक्ता के रूप में काम किया है। विवाहोपरांत लंदन जाने के पश्चात भी इनका मानवकल्याण हेतु कार्य रुका नहीं। वह लोक सेवा में सदा मगन रही अपने पारिवारिक दायित्व के साथ साथ इन्होंने नौकरी भी की और लोक सेवा भी करती रही। परिन एक अच्छी प्रभावकारी वक्ता (मोटिवेशनल स्पीकर) हैं। इन्होंने ग्रामीण और छोटे क्षेत्रों में जाकर वहां के लोगों को शिक्षा और मानव कल्याण हेतु प्रेरित किया है। डॉ. परिन सोमानी बेहद कम उम्र में ही दो बार कैंसर ग्रषित हो गयी थी और डॉक्टरों ने उम्मीद ही छोड़ दी थी, किन्तु अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से डॉ. सोमानी अपनी जिंदगी की जंग जीत कर आई।

डॉ. परिन सोमानी के अड़तीस से अधिक शैक्षिक पत्रों, समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में लेख प्रकाशित हुए हैं। पंद्रह से अधिक इनकी पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। डॉ. परिन सोमानी शिक्षा जगत के साथ साथ ग्लैमर जगत में भी पीछे नहीं रही हैं। यह मिसेज इंडिया 2021 की विजेता, मिसेज यूनिवर्स इंटरनेशनल 2021 की विजेता, मिसेज ब्रिट एशियन 2021 की विजेता, मिसेज इंडिया ग्लोबल 2021 की विजेता और मिसेज क्वीन ऑफ इंडिया 2021 की दूसरी रनरअप रही हैं।


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