पाटन/संवाददाता
दिसंबर और जनवरी में ठंड अपने पूरे जोर पर रहती है अभी हाल ही में पिछले 10 दिनों से ठंड अपना विकराल रूप दिखा रही है तापमान लगातार घट रहा है यहां तक कि मौसम बिभाग द्वारा 18 एवं 19 तारीख को न्यूनतम तापमान 04 डिग्री दर्ज किया था, जिससे लोगों के जनजीवन के साथ साथ पाला के कारण फसलों का भी काफी नुकसान हो रहा है।
गैरतलब है कि प्रतिबर्ष शासन-प्रशासन द्वारा ठंडी से बचाव के लिए अलाव की व्यवस्था की जाती है ताकि लोगों को ठंड से राहत मिल सके, कई चिन्हित स्थानों पर नगरीय प्रशासन द्वारा लकड़ियों को जलवाया जाता है ताकि अलाव द्वारा लोग ठंड से अपनी सुरक्षा कर सकें।
किंतु वर्तमान में नगरीय प्रशासन द्वारा जगह जगह अलाव जलाये जा रहे हैं, किंतु आधे से ज्यादा केवल कागजों पर, हालांकि शासन द्वारा बस-स्टैंड, चौराहों, बाज़ार एवं अन्य सार्वजनिक जगहों पर अलाव जलाए जाते हैं किंतु शासन की उक्त योजना केवल आधे से ज्यादा कागजों पर चल रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसे ही नगर परिषद द्वारा कोरोना काल के दौरान फॉग मशीन बुलाई गई थी किंतु केवल एक बार नगर भ्रमण पश्चात ताले में बंद हो गई और मच्छरों के कहर एक बार फिर नगर में व्याप्त हो गया, तब से लेकर आज तक फोग मशीनें केवल कार्यालय की शोभा बढ़ा रही हैं, जहां एक ओर कोरोना अपनी तीसरी लहर की तैयारी कर रहा वहीं दूसरी ओर ऐसी अनियमितताएं आम नागरिकों को भारी पड़ सकती जिसका खामियाजा केवल नागरिकों को ही भुगतना पड़ेगा।

