पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल 108.99 रुपये प्रति लीटर जबकि डीजल 97.72 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल के भाव में 35 पैसे प्रति लीटर का इजाफा होने के साथ कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही हैं.
राजस्थान के श्रीगंगानगर में पेट्रोल के दाम 121 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गए हैं. वहीं, डीजल के दाम 112 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा हैं. एक दर्जन से अधिक राज्यों में डीजल शतक पार कर चुका है. श्रीनगर से लेकर चेन्नई तक कई शहरों में डीजल शतक यानी 100 का आंकड़ा पार कर गया है.
मध्य प्रदेश का बालाघाट जिला जो छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से सटा है, वहां पेट्रोल की दरों ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है. बालाघाट में 1 लीटर पेट्रोल 120.06 रुपये है. जबकि डीजल 109.32 रुपये प्रति लीटर है. जनता पेट्रोल और डीजल दोनों ही वाहन ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से परेशान है.
क्यों बढ़ते हैं तेल के दाम
दरअसल, मध्य प्रदेश (MP) में पेट्रोल पर 33 फीसदी टैक्स (Tax on Petrol and Diesel) लगाया जाता हैं. इस टैक्स के ऊपर फिर सेस लगाया जाता है. एमपी में फिलहाल, पेट्रोल पर 4.50 रुपए का सेस लग रहा है. वहीं यहां डीजल पर 23 फीसदी टैक्स लगाया जाता है. इसके बाद डीजल के ऊपर तीन रुपए प्रति लीटर सेस लगाया जाता है. राज्य सरकारों के इन टैक्स और सेस के बाद थोड़ी कसर नगर निगम भी पूरी करता है. इसमें भोपाल समेत कुछ नगर निगम पेट्रोल पर अपना सेस लगाते हैं. नतीजतन नगरीय क्षेत्रों में आने वाले पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और भी महंगा हो जाता है.

