सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी में बिजली गुल होने से मरीज हो जाते है बेहाल,संविधान के मौलिक अधिकारों का हो रहा उल्लंघन
ब्यूरो/उत्तरप्रदेश
प्रतापगढ़ : भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता से जुड़ा है जिसे जीवन जीने का अधिकार कहा जाता है। ऐसे में जीवन जीने में आने वाली अड़चन अनुच्छेद 21 का सीधा उल्लंघन है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी में विद्युत आपूर्ति बाधित होने से इमेरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज गर्मी से उबल पड़े। तबीयत खराब होने से मरीजो को दवा राहत मिल या न मिले इसकी गारंटी तो नही है लेकिन उमस से तबियत खराब होना तो सुनिश्चित है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक नीरज सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि लाइट गुल हो जाने पर मरीजो का यही हाल होता है।
लाइट गुल होने से उमस में तड़पते हैं मरीज,पट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किसी भी प्रकार की गंभीर समस्या होने पर उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया जाता है लेकिन लाइट गुल होने के बाद उसकी क्या स्थिति होती है इसकी बानगी देखनी हो तो आप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टी हो लीजिए, उमस भरी गर्मी में मरीज विद्युत आपूर्ति बाधित होने से तड़प उठते हैं यहां पर न तो जनरेटर की कोई व्यवस्था है नाही अन्य किसी चीज के गुरुवार की दोपहर 2:00 बजे अचानक लाइट गुल हुई तो एमरजेंसी वार्ड में मौजूद मरीज अचानक तड़प उठे एक महिला तो गर्मी के मारे उल्टी करने लगी ।

