
जबलपुर / ब्यूरो
100 लगाओ पुलिस बुलाओ का स्लोगन मात्र एक मजाक का जरिया बन कर रह गया है क्योंकि जबलपुर जिले के 40 FRV वाहन में से 16 वाहन बीमार पड़े हुए हैं इसलिए अब 100 नंबर मात्र एक औपचारिकता बन कर रह गई है, जबलपुर जिले के शाहपुरा, कटंगी, पाटन समेत 16 डॉयल100 वाहन सर्विस सेंटर पर अपनी शोभा बढ़ा रहे हैं, शासन प्रशासन आम नागरिकों को सुविधाएं तो बहुत अधिक मुहैया कराता है किंतु उनका क्रियान्वयन करने में पीछे रह जाता है योजनाओं पर प्रतिबर्ष करोड़ों रुपये खर्च किये जाते हैं लेकिन थोड़ी समय तेज गति से चलने वाली योजनाएं समय गुजरते ही कमजोर पड़ कर बीमार हो जातीं हैं जिसका जीवंत उदाहरण है
डॉयल 100 के वाहन जो वर्तमान समय बीमार पड़े हुए हैं और लोगों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अगर देखा जाए तो इसमें स्थानीय पुलिस प्रशासन को दोषी नही ठहरा सकते हैं क्योंकि पुलिस के पास पहले से मात्र एक ही गस्ती वाहन उपलब्ध है अब पुलिस उक्त वाहन से गस्ती कार्य करे या फिर डॉयल100 का काम, और जब FRV वाहन सुधरने के लिए सर्विस सेंटर जाता है तो कई दिनों तक वहीं पड़ा रहता है और उसके पायलेट बेरोजगार हो जाते हैं
प्राप्त सूत्रों के अनुसार डॉयल 100 के पायलेट की यह व्यवस्था की गई है कि जब डॉयल 100 का पहिया चलेगा तभी उनकी वेतन का भी पहिया घूमेगा वरना बेरोजगार रहेंगे क्योंकि अगर वाहन खराबी के कारण भी FRV का पहिया रुक जाएगा तो पायलेट की वेतन भी बंद कर दी जाती है जो किसी भी दृष्टि से उचित नही माना जा सकता है और इस ओर भी प्रशासन को अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए।


