बिजावर / शमीम खान
बिजावर- बिजावर के गुलगंज पुलिस थाना के अंतर्गत रेत माफिया हुए सक्रिय। रेत माफियाओं द्वारा गुलगंज से निकली पनियारी नदी में से रेत निकालकर जगह जगह डंप लगाए जाते हैं जैसा कि गुलगंज से डिकोली रोड पर जगह जगह डंप लगे हुए हैं डिकोली रोड से शासन प्रशासन के नुमाइंदों का आना जाना लगा रहता है लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने ना तो कोई कार्रवाई की और न ही आज तक किसी अधिकारी को रेत का ये भंडारण दिखा, ऐसा माना जा रहा है कि गुलगंज पुलिस थाना स्टाफ से सांठगांठ करके गुलगंज गड़ा भरतोली कांटी विजयपुर कोणन बोकना मऊ खेड़ा मझगवां अनगोर करीब एक दर्जन गांव में रेत माफियाओं द्वारा रेत का अवैध भंडारण किया गया है अगर इस बात में सत्यता नही है तो कोरोना कर्फ्यू काल मे पुलिस गाँव गाँव जा कर गस्ती करती है तो इनको ये रेत के अवैध भंडारण क्यों नही दिखे। एवं जेसीबी द्वारा ट्रको में रेत लोड करके दिन रात पुलिस थाना गुलगंज के सामने से निकलते हैं लेकिन आज तक पुलिस प्रशासन द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। जिससे पत्रकारों द्वारा इसका विरोध किया गया तो रेत माफियाओं द्वारा पत्रकारों को जान से मारने की धमकी दी जाती है

गुलगंज में दिनदहाड़े ट्रैक्टरों द्वारा रेत भर के बस्ती में डालते हैं रेत माफियाओं का कहना है की कोई भी कहीं भी शिकायत कर दे हम लोगों का कोई कुछ नहीं बिगड़ सकता है। और रेफ माफ़ियायों के हौसले इतने बुलंद होने का कारण केवल एक ही हो सकता है कि या तो इनके दिल से प्रशासन का ख़ौफ़ खत्म हो गया है या फिर माफियाओं को राजनैतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। गुलगंज क्षेत्र में मुख्यमंत्री की माफियाराज खत्म करने की नीति का जमकर मज़ाक बना हुआ है। चूंकि रेत का भण्डारण इस समय इसलिए किया जाता है कि अगले चार महीनों तक रेत को चार गुने दामों पर बेच सकें। किन्तु इस ओर प्रशासन अपना ध्यान केंद्रित नही करता है जिससे रेत माफियाओ के हौसले दिन प्रतिदिन बुलंद होते चले जा रहे हैं, अब वो दिन ज़्यादा दूर नही जब इस क्षेत्र को भी लोग दूसरा मुरैना कहने लगेंगे।


