28.7 C
Madhya Pradesh
September 30, 2026
Bundeli Khabar
IMG 20230320 WA0021
दिल्ली

नैतिक शिक्षा से युवाओं को मिलेगी दिशा – भगवान भाई

Bundelikhabar

6 / 100 SEO Score

जालंधर। शिक्षा का मूल उद्देश्य है चरित्र का निर्माण करना, असत्य से सत्य की ओर ले जाना, बंधन से मुक्ति की ओर जाना लेकिन आज की शिक्षा भौतिकता की ओर ले जा रही है। भौतिक शिक्षा से भौतिकता की प्राप्ति होती है और नैतिक शिक्षा से चरित्र बनता है। इसलिए वर्तमान के समय प्रमाण भौतिक शिक्षा के साथ साथ बच्चो को नैतिक शिक्षा की भी आवश्यकता है। यह विचार माउंट आबू राजस्थान से प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ब्रह्माकुमार भगवान भाई ने रखे। वह जालंधर, पंजाब में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थीयो और शिक्षको को नैतिक शिक्षा और सकारत्मक चिंतन से सशक्त युवा विषय पर बोले।
भगवान भाई ने कहा कि भौतिक शिक्षा से हम रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन परिवार, समाज, कार्यस्थल में परेशानी या चुनौती का मुकाबला नहीं कर सकते हैं। युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करके डॉक्टर, इंजीनियर बनकर धनोपार्जन कर सुख-सुविधा युक्त जीवन निर्वाह करना चाहते हैं, परंतु जब उनका उद्देश्य पूर्ण नहीं हो पाता तो उनका मन असंतुष्ट हो उठता है और मानसिक संतुलन गड़बड़ा जाता है। शिक्षा से प्राप्त उपलब्धियां उन्हें निरर्थक प्रतीत होती हैं। जब तक जीवन में परोपकार, सेवाभाव, त्याग, उदारता, पवित्रता, सहनशीलता, नम्रता, धैर्यता, सत्यता, ईमानदारी, आदि सद्गुण नहीं आते तब तक हमारी शिक्षा अधूरी है। शिक्षा एक बीज है जीवन एक वृक्ष है जब तक हमारे जीवन रूपी वृक्ष में गुण रूपी फल नहीं आते तब तक हमारी शिक्षा अधूरी है। समाज अमूर्त होता है और प्रेम, सद्भावना, भातृत्व, नैतिकता एवं मानवीय सद्गुणों से सचालित होता है।
उन्होंने कहा कि नैतिक शिक्षा से युवाओं को दिशा मिल सकती है। भौतिक शिक्षा से भौतिकता का विकास होगा और नैतिक शिक्षा से सर्वांगीण विकास होगा। नैतिक शिक्षा से ही हम अपने व्यक्तित्व का निर्माण करते है जो आगे चलकर कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मविवेक व आत्मबल प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नैतिकता के अंग हैं – सच बोलना, चोरी न करना, अहिंसा, दूसरों के प्रति उदारता, शिष्टता, विनम्रता, सुशीलता आदि।
डीन स्टूडेंट वेलफेअर सौरभ लखनपाल ने भी अपना उद्बोधन देते हुए कहा कि नैतिक शिक्षा से ही छात्र-छात्राओं में सशक्तिकरण आ सकता है। उन्होंने आगे बताया कि नैतिकता के बिना जीवन अंधकार में है। नैतिक मूल्यों की कमी के कारण अज्ञानता, सामाजिक, कुरीतियां व्यसन, नशा, व्यभिचार आदि के कारण समाज पतन की ओर जाता है।
स्थानीय ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र की संचालिका बी के सुमन ने कहा कि नैतिक गुणों के बल पर ही मनुष्य वंदनीय बनता है। सारी दुनिया में नैतिकता अर्थात सच्चरित्रता के बल पर ही धन-दौलत, सुख और वैभव की नींव खड़ी है। उन्होंने कहा कि जब तक जीवन में आध्यात्मिकता नही है तब तक जीवन में नैतिकता नही आती है।
मैनेजमेंट विभाग के प्रमुख सुशांत तहिम ने कहा कि नैतिक शिक्षा के अभाव के कारण ही आज जगत में अनुशासनहीनता, अपराध, नशा-व्यसन, क्रोध, झगड़े आपसी मन मुटाव बढ़ता जा रहा है। नैतिक शिक्षा ही मानव को ‘मानव’ बनाती है।
कार्यक्रम की शुरुआत दिप प्रज्ज्वलन व स्वागत से किया गया। अंत में मोमेंटो और शाल से भगवान भाई का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में आनंद, हितेश, रोशन, मोनिका, बीके कमल, बीके जितेन्द्र, गुरप्रीत बहन, विजय बहन भी उपस्थित थे।
अंत में बीके भगवान भाई ने मन की एकाग्रता बढाने हेतु राजयोग मेडिटेशन भी कराया।


Bundelikhabar

Related posts

हल्द्वानी के मेडकिल कॉलेज में कोविड ने दी दस्तक

Bundeli Khabar

एमपी-यूपी के बाद अब दिल्ली में बुलडोजर प्रहार

Bundeli Khabar

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर पुलिसकर्मीयों ने की हर्ष फायरिंग

Bundeli Khabar
error: Content is protected !!