35.9 C
Madhya Pradesh
May 5, 2026
Bundeli Khabar
Home » भक्ति में शक्ति और प्रकृति प्रेम को दर्शाती है देव शर्मा, स्मृति कश्यप अभिनीत फिल्म ‘आ भी जा ओ पिया’
मनोरंजन

भक्ति में शक्ति और प्रकृति प्रेम को दर्शाती है देव शर्मा, स्मृति कश्यप अभिनीत फिल्म ‘आ भी जा ओ पिया’

Bundelikhabar

संतोष साहू,

फ़िल्म समीक्षा – आ भी जा ओ पिया
कलाकार – देव शर्मा, स्मृति कश्यप, मुकुल नाग, अभिजीत लाहिरी, राकेश श्रीवास्तव, संजी दासगुप्ता, सीमा मोदी व अन्य।
निर्देशक – राजेश हरिवंश मिश्रा
निर्माता – बिनय मेहता, उमेश राणा, शंभु मेहता, आनंद माथुर
रेटिंग – 3 स्टार

फिल्म ‘आ भी जा ओ पिया’ वैसे तो शीर्षक से एक रोमांटिक फिल्म लगता है। लेकिन इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात दिखाई देती है और वह है पर्यावरण की रक्षा। इंसान अपने भावनाओं के साथ जीता है, उसके जीवन में सबसे पहले कोई उपयोगी है तो वह है ऑक्सीजन जो हमें इन्हीं पेड़ पौधों से प्राप्त होता है। इस फिल्म के माध्यम से फिल्मकार ने मुख्य किरदार कौशल (देव शर्मा) को एक प्रेमी हृदय वाला व्यक्ति बताया है जो शिव भक्त है और उसे सच्चे प्रेम की प्रतीक्षा है। साथ ही वह प्रकृति प्रेमी भी है जिसके लिए वह शहर में पढ़ लिखकर वापस अपने गांव (बड़का, झारखंड) में ही नर्सरी लगाता है। वह पूरी तरह से गांव के रंग में ढलकर पालतू पशुओं की सेवा भी करता है तथा भोलेनाथ से अपने मन की बात भी साझा करता है। एक दिन मौसम का मिजाज बिगड़ने से तूफानी बारिश में शहर से गांव की ओर यात्रा कर रही कल्पना (स्मृति कश्यप) अपनी मां और मामा के साथ जंगल में फंस जाते हैं। वहीं कौशल और कल्पना की मुलाकात होती है फिर कौशल उन्हें अपने घर ले आता है। चूंकि नदी में बाढ़ आने से पूल टूट जाता है जिससे गांव से शहर का आवागमन थम जाता है। एक बार कौशल और कल्पना इसकोहिल ऐतिहासिक स्थल घूमने जाते हैं, दोनों की नजदीकियां बढ़ती है। उन्हीं दिनों गांव के पारंपरिक मंढा पर्व में शिव भक्ति में कौशल को घर छोड़कर मंदिर में रहते हुए भक्ति के नियमों का पालन करना पड़ता है। वह अन्य भक्तों के साथ अग्नि पर चलता है। जब कल्पना पूछती है कि तुमने इतनी कड़ी भक्ति कर भगवान से क्या मांगा तो वह साफ साफ उसका नाम बता देता है। लेकिन कल्पना अपना कदम पीछे हटा लेती है वहीं कौशल अपने प्रभु भगवान शिव की भक्ति में शक्ति पर विश्वास करता है और अपने प्रेम की प्रतीक्षा करता है। वो कहते हैं न कि मिलना बिछुड़ना सब ईश्वर के हाथ में होता है। उधर शहर में कल्पना के पिता सच्चाई से अनजान उसकी शादी करण के साथ पक्की कर देते हैं। करण और उसका पार्टनर बलवंत खतरनाक मिशन पर हैं और देश को बर्बाद करने की योजना बनाते हैं मगर कामयाब नहीं हो पाते। यह सब कैसे हो पाता है? क्या कल्पना और कौशल का मिलन हो पाता है? ईश्वर में भक्ति की शक्ति होती है या नहीं ?
यह सब जानने के लिए दर्शकों को फिल्म देखना पड़ेगा।
जोहर एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी यह फिल्म झारखंड की मनोरम लोकेशन्स में शूट हुई है। झारखंड में फ़िल्म टैक्स फ्री और झारखण्ड सरकार द्वारा सब्सिडी की घोषणा भी कर दी गई है जिसमें कई स्थानीय कलाकारों ने भी काम किया है।
देव शर्मा ने इसके पहले भी कई फिल्मों में काम किया है लेकिन यारियां को छोड़ किसी फिल्म का नाम लोगों की स्मृति में नहीं बसता। आ भी जा ओ पिया में उन्होंने परिपक्वता के साथ अभिनय करने का प्रयास किया है। उन्हें बड़े बैनर के फिल्मों की आवश्यकता है।
स्टार प्लस की ‘विद्रोही’ और तमिल सीरियल ‘रोजा’ फेम एक्ट्रेस स्मृति कश्यप ने बॉलीवुड में एंट्री की है। वह स्क्रीन पर बेहद कोमल और मासूम दिखाई दी हैं। लेकिन कहीं कहीं उनके चेहरे की चमक फीकी पड़ती है परंतु देव शर्मा के साथ उनकी केमिस्ट्री अच्छी है।
फिल्म का संगीत सुनने में मधुर तो लगते ही हैं, गाने के पिक्चराइजेशन खूबसूरत हैं जो रमणीय स्थलों पर प्रकृति के करीब ले जाते हैं। इसकी कोरियोग्राफी शानदार है।
कुछ कलाकारों के अभिनय में नीरसता झलकती है।
देव शर्मा, स्मृति कश्यप के अलावा फिल्म में मुकुल नाग, संजी दासगुप्ता, अभिजीत लहरी, राकेश श्रीवास्तव, अनुराग मिश्रा, सीमा मोदी, ऋचा कालरा, शीश खान, पूजा घोष व अन्य कलाकार अपनी अपनी भूमिकाओं में ठीक ठाक रहे हैं।
एक सीमित बजट में जिस प्रकार फिल्में बनती है उनमें यह बेहतर साबित होती है।


Bundelikhabar

Related posts

गणेश चतुर्थी के अवसर पर पैनोरामा म्यूज़िक ने रिलीज़ किया अपना पहला गाना ‘गणपति राजा’

Bundeli Khabar

अभिनेत्री दीपिका सिंह फ़िल्म ‘टीटू अंबानी’ से करेंगी बॉलीवुड डेब्यू

Bundeli Khabar

पुनीत खरे द्वारा निर्मित वेब सीरीज में राजश्री वर्मा

Bundeli Khabar
error: Content is protected !!