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August 17, 2026
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मनोरंजन

रामकमल मुखर्जी की ‘नटी बिनोदिनी’ बनी बॉलिवूड अभिनेत्री रुक्मणी मैत्रा

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गायत्री साहू,

मुम्बई। बंगाल रंगमंच की दिग्गज अदाकारा बिनोदिनी दासी की जीवनी पर आधारित फिल्म ‘नटी बिनोदिनी’ का निर्माण शैलेन्द्र कुमार, सूरज शर्मा और प्रतीक चक्रवर्ती करने जा रहे हैं। यह बायोपिक देव इंटरटेनमेंट वेंचर की प्रस्तुति होगी।

शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर फिल्म निर्देशक राम कमल मुखर्जी ने अपनी बहुचर्चित बायोपिक ‘बिनोदिनी एकती नातिर उपाख्यान’ के मुख्य कलाकारों की घोषणा की। बंगाल की जानी मानी अदाकारा रुक्मिणी मैत्रा इस बहुप्रतीक्षित भूमिका को रुपहले पर्दे पर निभाएंगी। फिल्म के निर्माताओं ने फिल्म का पोस्टर जारी कर दिया है जिसमें रुक्मणी मैत्रा श्री चैतन्य महाप्रभु की भूमिका में दिखेंगी। इस भूमिका को बिनोदिनी दासी ने रंगमंच पर निभाया था। रंगमंच पर निभाई इस भूमिका को बिनोदिनी दासी ने नए मुकाम पर पहुंचाया था। जो दर्शकों के मन पर सराहनीय और विशेष प्रभाव छोड़ता है। एकता भट्टाचार्य ने मोशन पोस्टर का डिजाइन बनाया है। नीलायन चॅटर्जी ने मीडिया और दर्शकों के लिए म्यूजिक कंपोज किया है।

फिल्म का निर्माण मुम्बई बेस्ड प्रोडक्शन हाउस प्रमोद फिल्म्स, एस एस वन एंटरटेनमेंट और पी के एंटरटेनमेंट, ऐसोर्ट मोशन पिक्चर्स के सहयोग से कर रहे हैं। कहानी, पटकथा, संवाद प्रियंका पोद्दार ने लिखा है। उनका कहना है कि वह हमेशा से चाहती थी कि बंगाल के दर्शकों के लिए एक बेहतरीन और दिल छू लेने वाली कहानी लिखे। इस संगीतमय फ़िल्म के लिए पिछले दो साल से अच्छे बजट की प्रतीक्षा थी। इस समय मेरे साथ चट्टान की तरह केवल रुक्मणी मित्रा का ही साथ और विश्वास था। उन्होंने ‘सीजन ग्रीटिंग’ और ‘एक दुआ’ में मेरे काम को देखा और सराहा था। उन्हे विश्वास था कि बंगाली दिग्गज अभिनेत्री बिनोदिनी दास के सफर और दर्द को बखूबी एक सूत्र में पिरो सकती है ऐसा बॉलीवुड फिल्म निर्देशक रामकमल मुखर्जी का कहना है  रुक्मणी मैत्रा का बिनोदिनी के रूप में चयन करके मुझे बहुत हर्ष हो रहा है। पिछले दो वर्षों से रुक्मणी मौन रहकर फिल्म से जुड़ी हैं और इसमें अभिनय कर रही है। उन्होंने उस समय के भारतीय क्लासिकल डांस को सीख कर और उस काल में स्त्रियों की दशा और उनकी सामाजिक स्थिति के बारे में पुस्तकों से पढ़कर अध्ययन किया। यह सब मेरे लिए एक अद्भुत सपने के सच होने जैसा था। मैं जनता था कि यह कहानी अलग विषय और दृष्टिकोण पर है लेकिन मैंने बिना किसी सवाल के उन पर पूर्ण विश्वास कर यह काम अपने हाथों में लिया।

रुक्मणी मैत्रा का कहना है कि गत दो वर्षों से कोरोना महामारी ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया है। इससे हमारे मनोरंजन उद्योग को सबसे अधिक नुकसान हुआ।लेकिन इस फिल्म को बनाने वाले एक प्रतिष्ठित बैनर और निर्माता और खासकर बोर्ड में देव के आने से यह फिल्म वास्तव में एक नया आयाम बनाएगी।

इस बायोपिक का फिल्मांकन सिनेमैटोग्राफर मोधुरा पालित द्वारा बंगाल और बनारस के खूबसूरत जगहों पर किया जाएगा और अगले साल (बंगाली न्यू ईयर) में रिलीज होगी। चूंकि यह एक पीरियड ड्रामा है इसलिए निर्माताओं को प्राचीन कालीन दृश्य को फिर से बनाने के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता होगी।
बंगाल के सुपरस्टार देव ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि राम कमल एक विशेष व्यक्तित्व के धनी और मुंबई के एक प्रतिभाशाली फिल्म निर्माता हैं। मुझे यह ज्ञात नहीं था कि वह रुक्मिणी के साथ इस फिल्म की योजना बना रहे थे। फिल्म के टीज़र पोस्टर साझा होने पर इसके बारे में जानकारी मिली।

फिल्म के बारे में मुझसे छुपा कर रखा गया था। लेकिन जब मैंने इस प्रोजेक्ट को लेकर उनके जोश और जुनून को देखा तो पता चला कि वो एक क्रिएटिव व्यक्ति हैं। बिनोदिनी दासी जैसे अद्भुत विषय पर फिल्म को बनाने के लिए इनका बहुत आभार।हम इन दिनों ऐसी फिल्में नहीं बनाते हैं और ऐसी फिल्मों को बनाने में समय लगता है। रामकमल ने नाटी बिनोदिनी जैसे संवेदनशील विषयों को छूने का साहस किया जो सराहनीय है। मुझे यकीन है कि रुक्मिणी और राम कमल पर्दे पर जादू अवश्य बिखेरेंगे।
मुम्बई के प्रमोद फिल्म्स और दिग्गज फिल्म निर्माता प्रमोद चक्रवर्ती के पोते प्रतीक चक्रवर्ती का कहना है कि मैं फिल्म की कहानी और टीज़र से बेहद प्रभावित हूँ। मुझे पूरा भरोसा है कि यह बंगाली फिल्म्स इंडस्ट्री के लिए गेम चेंजर साबित होगा।

रुक्मणी मैत्रा का जानदार अभिनय बिनोदिनी दास के चरित्र को जीवंत बना देगा। एक टीज़र शूट के लिए चरित्र को जीवंत करना, पूरी यूनिट की दक्षता के बारे में बहुत कुछ कहता है। चूंकि हमने भारतीय सिनेमा में निर्माता के रूप में 60 शानदार वर्ष पूरे किए हैं, इसलिए हमने रचनात्मक रूप से संतोषजनक और व्यावसायिक रूप से आशाजनक इस विषय पर साथ काम करने के लिए सोचा।

एस एस वन एंटरटेनमेंट के शैलेंद्र कुमार कहते हैं कि कोलकाता और बंगाल के साथ मेरा व्यक्तिगत संबंध है। चूंकि मैं एक गायक और संगीतकार हूं, इसलिए मैं हमेशा बंगाली कला और साहित्य का प्रशंसक रहा हूं। मैं निर्देशक राम कमल मुखर्जी के निर्देशन में उनकी पहली फिल्म ‘केकवॉक’ देखी। उसके बाद मैं उनसे जुड़ा और मैं जानता हूँ कि वह पिछले दो वर्षों से नाटी बिनोदिनी बनाना चाहते थे। जब उन्होंने मुझे कहानी सुनाई और मुझे रुक्मिणी जी की चैतन्य महाप्रभु के रूप में छवि दिखाई तो मुझे पूरा विश्वास हो गया कि यह फिल्म बेहद खास होगी।

पी के इंटरटेनमेंट के युवा निर्माता सूरज शर्मा ने कहा, यह बेहद खुशी की बात है कि फिल्म निर्माताओं ने रिस्क लेकर इस प्राचीन अनकही कहानी को बताया है। मैंने बिनोदिनी एकती नातीर उपाख्यान को सुना है और महसूस किया है कि इसकी भावना सभी महिलाओं के साथ जुड़ेंगी जिन्होंने इस पुरूष प्रधान समाज में उत्पीड़न को झेला है।
मेकर्स द्वारा फिल्म के कलाकारों और टेक्निशियन का चयन किया जा रहा है। गिरीश घोष, अमृतलाल, रामकृष्णा, कुमार बहादुर और रंगा बाबू जैसे पात्रों के लिए योग्य कलाकार की चयन प्रक्रिया भी जारी है।


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