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May 27, 2026
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डायबिटीज रोगियों के लिए हेल्थ केयर इनोवेशन गोदरेज इंसुलीकूल लॉन्च

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इंसुलिन पर निर्भर डायबिटीज रोगियों की बढ़ती संख्या की सहायता के लिए नए हेल्थ केयर इनोवेशन गोदरेज इंसुलीकूल लॉन्च

संतोष साहू,

यह एडवांस्ड इंसुलिन कूलिंग समाधान अपनी प्रभावशीलता को बनाए रखने के लिए इंसुलिन की शीशियों, पेन्स, कार्ट्रिजेज को वैज्ञानिक रूप से अनुशंसित तापमान 2 डिग्री – 8 डिग्री सेल्सियस पर रखता है

हल्का, कॉम्पैक्ट और पोर्टेबल – इसका उद्देश्य दुनिया भर के लाखों मधुमेह रोगियों के लिए इंसुलिन को स्टोर करने और ले जाने-ले आने की परेशानी को हल करना है

मुंबई। गोदरेज समूह की प्रमुख कंपनी, गोदरेज एंड बॉयस की व्यावसायिक इकाई, गोदरेज अप्लायंसेज देश के स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचे के निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान दे रही है। इस दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए और अपने मेडिकल रेफ्रिजरेशन पोर्टफोलियो को मजबूत करते हुए, गोदरेज अप्लायंसेज ने नई इंसुलीकूल उत्पाद रेंज – गोदरेज इंसुलीकूल और गोदरेज इंसुलीकूल + को लॉन्च किया है। इन नए कूलिंग समाधानों को विशेष रूप से इंसुलिन स्टोरेज के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि अनुशंसित तापमान पर इंसुलिन स्टोरेज के संबंध में मधुमेह रोगियों के सामने आने वाली चुनौती का समाधान किया जा सके।
आँकड़ों से पता चलता है कि भारत में लगभग 74 मिलियन लोग डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित हैं। यह मधुमेह रोगियों की दूसरी सर्वाधिक संख्या वाला देश है और वर्ष 2030 तक इसमें 10% से अधिक की वृद्धि का अनुमान है। इसमें से, कम से कम 10% मधुमेह रोगियों को मुँह से ली जाने वाली दवाओं के अलावा इंसुलिन थेरेपी की आवश्यकता होती है। यह भी एक वैज्ञानिक रूप से स्थापित तथ्य है कि इंसुलिन को अपनी प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए हमेशा 2 डिग्री – 8 डिग्री सेल्सियस की तापमान सीमा के बीच संरक्षित किया जाना चाहिए। इस सीमा से नीचे या ऊपर किसी भी तापमान पर स्टोर किए जाने के चलते इसकी प्रभावकारिता घट सकती है।
भारत और अन्य देशों में भी इंसुलिन के नियमित दिन – प्रतिदिन स्टोरेज के लिए उक्त सीमा के भीतर तापमान बनाए रखने वाली पद्धतियों की कमी एक प्रमुख चुनौती है और यह चुनौती किसी भी यात्रा के दौरान और अधिक जटिल हो जाती है, जिससे इंसुलिन पर निर्भर मधुमेह रोगियों कहीं आना-जाना सीमित हो जाता है। आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले समाधान जैसे आइस पैक इंसुलिन स्टोरेज के लिए ही तैयार किए गये नहीं होते हैं। घरों में उपयोग किए जाने वाले रेफ्रिजरेटर भी उपयुक्त नहीं हैं, क्योंकि बार-बार दरवाजा खोलने-बंद करने के चलते उसके तापमान में उतार-चढ़ाव होता है और इंसुलिन के लिए सटीक कूलिंग की आवश्यकता होती है। इंसुलिन के अनुचित स्टोरेज से इसकी शक्ति कम हो सकती है जिससे समय के साथ खुराक बढ़ाना पड़ सकता है। अनुशंसित तापमान पर इंसुलिन का उचित स्टोरेज मधुमेह के प्रबंधन में महत्वपूर्ण रूप से सहायक हो सकता है, चूंकि मधुमेह आमतौर पर रोगियों में लंबे समय तक बनी रहने वाली स्थिति है।
अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार के उपयोग से तैयार किया गया, गोदरेज इंसुलीकूल प्रोडक्ट रेंज एडवांस्ड सॉलिड स्टेट थर्मोइलेक्ट्रिक कूलिंग तकनीक से लैस है और इसे 43 डिग्री सेल्सियस तक के परिवेशी तापमान पर भी काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो सिस्टम के आंतरिक तापमान को हमेशा 2 डिग्री – 8 डिग्री सेल्सियस बनाए रखता है। यूनिट के सामने का प्रदर्शन संकेतक दिखाता है कि इंसुलिन सही तापमान पर स्टोर किया जा रहा है। 560 मिलीलीटर की भंडारण क्षमता के साथ , इसमें आसानी से 9 शीशियां स्टोर की जा सकती हैं; वैकल्पिक रूप से, वायल्स होल्डर को हटाकर 2 पेन और 5 कार्ट्रिजेज स्टोर किए जा सकते हैं।
सटीक कूलिंग सुनिश्चित करने के अलावा, इसका अन्य प्रमुख लाभ है – इसकी पोर्टेबिलिटी। इंसुलीकूल वजन में हल्का और कॉम्पैक्ट है, और यह शोल्डर बेल्ट के साथ आता है जिससे इसे ले जाना आसान हो जाता है। यूनिट के साथ प्रदान किए गए पावर एडॉप्टर के अलावा, फुल चार्ज के बाद 4 घंटे का पावर बैकअप देने के लिए एक्सटर्नल पावर बैंक जैसे अतिरिक्त एसेसरीज या गाड़ी से यात्रा करते समय चार्जिंग के लिए कार एडेप्टर किट भी खरीदा जा सकता है। इसका उन्नत संस्करण इंसुलीकूल+ के प्रोडक्ट किट के साथ एक्सटर्नल पावर बैंक भी आता है। इसे विचारपूर्वक डिजाइन किया गया है, और गहन वैज्ञानिक प्रयास के परिणामस्वरूप, इसमें सॉफ्ट बाहरी कंटूर्स हैं जिससे इसे आसानी से कहीं ले जाया जा सकता है। इसके डेडिकेटेड भीतरी स्थान में वायल होल्डर है जो यात्रा के दौरान शीशियों को उनके स्थान पर सुरक्षित रखता है और उसे आसानी से हटाया जा सकता है और आवश्यकतानुसार उस जगह पर कार्ट्रिज रखा जा सकता है। सुरक्षित डोर लैच उचित गैसकेट सीलिंग सुनिश्चित करता है ताकि परिवहन के दौरान कूलिंग कम न हो।
इस उत्पाद का ऐसे तरह-तरह के कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकता है और इसमें तापमान संवेदी टीके, दवाएँ, ड्रॉप्स की शीशियाँ, अन्य मेडिकल सैम्प्लस व नमूने 2 डिग्री – 8 डिग्री सेल्सियस के बीच सटीक तापमान पर स्टोर किए जा सकते हैं ताकि उनकी क्षमता बनी रहे।
वर्षों से ब्रांड के नवाचारों के बारे में बताते हुए, गोदरेज एंड बॉयस के कार्यकारी निदेशक, न्यारिका होलकर ने कहा, हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर आज देश के विकास के प्रमुख स्तंभों में से एक है और हमारा दृढ़ विश्वास है कि अभिनव पेशकशों के साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी हमारी वर्तमान स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की कई चुनौतियों का समाधान करने में मदद कर सकती है और इस प्रकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हमने अध्ययन किया कि इंसुलिन के लिए उपयुक्त कूलिंग समाधान की कमी के चलते हमारे देश में डायबिटीज के उपचार में कितनी दिक्कत हो रही है। मेडिकल कोल्ड चेन में हमारी विशेषज्ञता ने हमें अभिनव समाधान – गोदरेज इंसुलिन रेंज प्रदान करने में सक्षम बनाया – जो इस समस्या से निपटने और लाखों इंसुलिन निर्भर मधुमेह रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए उपयुक्त हल है।
भारत में इंसुलिन स्टोरेज सुविधाओं की कमी की समस्या के बारे में अपने विचार साझा करते हुए डॉ. वैशाली देशमुख (विख्यात इंडोक्राइनोलॉजिस्ट, हेड ऑफ इंडोक्राइनोलॉजी, दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल और संस्थापिका, स्फीयर – पुणे) ने कहा कि आमतौर पर, लोग घर पर इंसुलिन के स्टोरेज के लिए रेफ्रिजरेटर का उपयोग करते हैं, लेकिन बार-बार दरवाजे खुलने के कारण घरेलू रेफ्रिजरेटर में तापमान में उतार-चढ़ाव इंसुलिन की प्रभावकारिता को प्रभावित करता है और यह अपनी शक्ति खो देता है। इसके अलावा, ज्यादातर लोग यात्रा करते समय इंसुलिन स्टोरेज के लिए सही समाधान का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इंसुलिन को हमेशा 2 डिग्री – 8 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान पर स्टोर किया जाना चाहिए अन्यथा किसी भी विचलन से इसकी प्रभावकारिता कम हो सकती है। जब कोई रोगी मापित खुराक के माध्यम से खुद को इंसुलिन देता है, तो इंसुलिन की प्रभावकारिता में गिरावट के कारण रक्त शर्करा के स्तर के रखरखाव के परिणाम भिन्न हो सकते हैं।
उत्पाद के लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए गोदरेज अप्लायंसेज के बिजनेस हेड और एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, कमल नंदी ने कहा कि गोदरेज अप्लायंसेज में, हम उपभोक्ताओं के सामने आने वाली विशिष्ट चुनौतियों का समाधान करने के लिए अथक प्रयास करते हैं। मधुमेह रोगियों की सबसे प्रमुख समस्याओं में से एक है, उपयुक्त तापमान पर उचित इंसुलिन स्टोरेज का अभाव जिसके चलते इसकी शक्ति में गिरावट आती है, इसे देखते हुए, हमने अनुशंसित 2 डिग्री -8 डिग्री सेल्सियस पर इंसुलिन स्टोरेज प्रदान करने के लिए एक विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया इंसुलीकूल उत्पाद रेंज पेश किया है। यह सटीक तापमान पर इंसुलिन भंडारण की चुनौतियों को हल करता है और इसे घर या कार्यालय में या यात्रा के दौरान उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हमें लगता है कि यह भारत में मधुमेह प्रबंधन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा और मधुमेह रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
यह उत्पाद रेंज पूरे भारत में ब्रांड के ई – स्टोर के माध्यम से और अमेज़ॅन जैसे लोकप्रिय ई – कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ – साथ केमिस्ट की दुकानों पर 5999 रुपये की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध होगा, एसेसरीज की कीमत अलग से रखी गई है।


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