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August 18, 2026
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फर्जीवाड़ा:ग्राम पंचायत पनागर में बाउंड्री वॉल बनवाए बगैर निकाली राशि 5 साल बाद हुआ खुलासा  

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अब वसूली, पद से पृथक और निलंबन की कार्यवाही प्रस्तावित

बिजावर/अरबिंद अग्रवाल

जनपद पंचायत बिजावर की ग्राम पंचायत पनागर भ्रष्टाचार का मॉडल बनकर उभरी है । यहां के ग्रामीण लंबे समय से ग्राम पंचायत द्वारा किए जा रहे कार्यों में व्यापक गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायतें कर रहे हैं । मामला सीएम हेल्पलाइन से लेकर क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री तक पहुंचा । इस पर हुई जांच में कई गंभीर गड़बड़ी उजागर हुई है । यहां पर हल्काईं अहिरवार के घर से दशरथ के घर तक 3 लाख 72 हजार रुपए की लागत से बनवाई गई सीसी रोड पूरी तरह से गुणवत्ताहीन और बेहद घटिया स्तर की निकली। इसके साथ ही मछली मंडी में करीब 3 लाख 20 हजार रुपए की लागत से बनाया गया टीन सेट भी गुणवत्ताहीन निकला । जांच दल को मौके पर टीन सेट उड़ा हुआ मिला। इतना ही नहीं जांच दल उस समय दंग रह गया जब ग्राम पंचायत की बाउंड्री वाल मौके पर थी ही नहीं ।

जबकि इस बाउंड्री वॉल के लिए 2 लाख 25 हजार 98  रुपए वर्ष 17-18 में ही सरपंच लक्ष्मण प्रजापति और तत्कालीन सचिव धर्मेंद्र कुमार द्वारा आहरित कर लिए गए थे ।  जनपद पंचायत की पांच सदस्यीय जांच समिति द्वारा की गई जांच के आधार पर सरपंच और तत्कालीन सचिव पर 9 लाख 17 हजार 98 रुपए की शासकीय राशि के हेरफेर किया जाना उजागर हुआ । इस मामले में सरपंच लक्ष्मण प्रजापति और तत्कालीन सचिव धर्मेंद्र कोंदर दोनों से बराबर बराबर 4 लाख 58 हजार 549 रुपए वसूल किए जाने ,सरपंच को पद से पृथक किए जाने और तत्कालीन सचिव धर्मेंद्र कोंदर को निलंबित किए जाने का प्रस्ताव 23 फरवरी को जिला पंचायत सीईओ को भेजा गया है । साथ ही इसी मामले में लापरवाही और गड़बड़ी पाए जाने पर उपयंत्री विकास श्रीवास्तव, रोजगार सहायक दिलीप चौरसिया और तत्कालीन सचिव महेश गुप्ता को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया ।  

इस मामले के उजागर होने के बाद हरकत में आए तत्कालीन सचिव और सरपंच ने आनन-फानन में बाउंड्री वाल निर्माण का काम शुरू कर दिया । इससे ग्रामीणों को आशंका है कि मामले की लीपापोती की जा रही है । जिस पर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे मामले की जानकारी दी और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की ।

पंच एवं शिकायतकर्ता अनूप चौरसिया ने बताया कि अगर इस तरह से दोषियों को बचा लिया गया तो यह परंपरा बन जाएगी कि पहले काम करवाए बगैर सरकारी राशि का गबन कर लो और अगर कभी सालों बाद मामला उजागर हुआ तो थोड़ी राशि खर्च करके काम करवा कर मामला निपटा लो ग्राम के महेंद्र चौरसिया सहित अन्य ग्रामीणों ने इस मामले में कड़ी कार्यवाही की मांग की है। 

वहीं इस मामले में जनपद पंचायत सीईओ अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा उनके खिलाफ कार्यवाही एवं राशि वसूली का प्रतिवेदन जिला पंचायत कार्यालय भेजा गया है।


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