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July 1, 2026
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बायोफॉर ने फाइजर कोविड ड्रग के लिए स्वदेशी इंग्रेडिएंट्स विकसित किया

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संतोष साहू,

इससे भारतीय मैन्युफैक्चरो की चीन पर निर्भरता कम होगी

मुंबई। बायोफोर फार्माक्यूटिकल्स ने आज यह घोषणा की है कि उन्होंने लेटेस्ट एंटी कोविड थेरेपी में जरूरी पैक्सोविड इंग्रेडिएंट का सबसे एक्टिव तत्व निर्मात्रेवलिर को विकसित कर लिया है और इसका निर्माण करना भी अब शुरू करने वाले हैं। यह थेरेपी यूएस एफडीए द्वारा इमरजेंसी यूज के लिए अप्रूव भी की जा चुकी है। यह निर्माण रक्षित ग्रुप के साथ कॉलेब में किया जा रहा है। यह भारत की चीन पर आयात के लिए निर्भरता को कम करने जा रहा है। चीन में ही वर्तमान में इस तरह के इंग्रेडिएंट्स का उत्पादन किया जा रहा है। बायोफॉर यूएस एफडीए कंप्लेंट फैकल्टी में निर्मात्रेवलिर का निर्माण कर रहा है।

पैक्सलोविड का ब्रेकथ्रू अप्रूवल यूएस एफडीए ने दिसंबर 2021 में दिया गया था। इसका प्रयोग करना कोविड 19 के माइल्ड से मोडरेट या अधिक गंभीर मरीजों के लिए करना सुझाया गया है। यह ऐसी पहली ओरल पिल है जिसे यूएस एफडीए द्वारा अप्रूवल मिला है। अन्य ओरल थेरेपी के मुताबिक इस दवाई का सुरक्षा दर भी अधिक है। यह दवा निर्मात्रेवलिर और रितानोविर टैबलेट के को पैक में उपलब्ध है।

बायोफोर के सीईओ डॉ जगदीश बाबू रैंजिसेटी का कहना है कि इस प्रकार की इंटरमेडरी का निर्माण करना और इन्हें विकसित करना काफी मुश्किल काम है। यह काम काफी चुनौतीपूर्ण है और कोविड से लड़ने के लिए काफी आवश्यक है। इस उत्पाद के लिए आवश्यक इंटरमीडिएट हम ने बना ली है। इस काम में बेसिक कच्चे माल का प्रयोग किया गया है। अधिक मात्रा में बनाने की क्षमता भी भविष्य में है। इससे न केवल भारत की बल्कि विश्व भर में इन इंटरमीडिएट की कमी को पूरा किया जा सकेगा। भारत में जब भी इस उत्पाद को अप्रूवल मिलेगा, हम यह विश्वास दिला सकते हैं कि भारत के मैन्युफैक्चर भारत के अंदर ही इसकी कमी को पूरा कर सकेंगे जिससे हम भारत पर सेल्फ रिलियंट यानी आत्म निर्भर बन सकेंगे। इसके लिए क्वालिटी और सप्लाई के लिए दूसरे देशों के आयात पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

रक्षित ग्रुप के चेयरमैन रामेश्वरा राव चंदाना का कहना है कि रक्षित ग्रुप की सब्सिडरी, सैनोर लेबोरेटरी, भारत में लिथियम एचएमडीएस का सबसे बड़ा उत्पादक है। इसकी 500 एमटी प्रति महीने इन्हें उत्पादित करने की क्षमता है। क्रायोजेनिक रिएक्शन को हैंडल करने की सुविधा है। इन इंटरमीडिएट को उत्पादित करने के लिए काफी अधिक तापमान की जरूरत होती है, साथ ही लिथियम रिजियंट की भी अधिक मात्रा में जरूरत होती है। हमारे पास मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर से हम कह सकते हैं की बाजार की सारी जरूरतों को लोकल रूप से ही पूरा किया जा सकता है। बायफोर जैसे पार्टनर के होते हुए हम यह कह सकते हैं कि इन उत्पादों को मार्केट भी जल्दी मिल जायेगी।


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