जबलपुर/ब्यूरो
जबलपुर दौरे के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह तथा केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग व जलशक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद पटैल ने घाना स्थित ग्रीन बेम्बू नर्सरी का अवलोकन किया। जहां उन्होंने किसान द्वारा 61 प्रजाति के बांस की खेती देखी। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्होंने अभी तक देश में ऐसी बांस की खेती नहीं देखी जो इस कदर फायदेमंद साबित होगी। उन्होंने कहा कि बांस की प्रजाति से किसानों की आमदनी बढ़ेगी। किसान का दावा है कि एक एकड़ में चार साल के भीतर डेढ़ लाख रुपये की लागत लगाकर पांचवे साल से तीन लाख रुपये की आमदनी की जा सकती है।

इसके बाद लगातार 70 साल तक बांस का उत्पादन निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसान बांस की खेती से सीधे कच्चा माल उगा रहा है। उन्होंने कहा कि निर्यात बढ़ेगा। रोजगार बढ़ेगा। आने वाले दिनों में लकड़ी के फर्नीचर बनाने के लिए पेड़ों का काटना नहीं होगा। बेम्बू आक्सीजन भी देता है। आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं की आमदनी आठ से 10 हजार रुपये महीना कैसे हो इस दिशा में काम किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटैल ने कहा कि बांस की खेती जिस ढ़ंग से हो रही है उससे निश्चित ही ये किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा है। इसके लिए विशेष प्रयास करना आवश्यक है।

