बिजावर/शमीम खान
शासन – प्रशासन द्वारा जिले में पर्याप्त खाद उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा हैं तो जिला मुख्यालय पर मात्र दो केंद्रों से ही खाद क्यों वितरण की जा रही हैं और किसानों की सोसायटियों को खाद न देने का क्या कारण है। उन्होंने कहा कि कोसों दूर से आये किसानों को टोकन देकर भटकाने का काम किया जा रहा हैं यही नही केंद्रो पर खाद लेने घण्टों लाईन में लगे किसानों को कभी पी. ओ. एस. मशीन का सरबर डाउन होने का तो कभी बिजली कटौती होने का बहाना बनाया जा रहा हैं। जिसका खामियाजा भोले भाले किसानों को उठाना पड़ रहा हैं। प्रसासन चाहे कितना भी दावा करे कि की खाद्य की कोई कमी नही हैं,हकीकत उसका उलट है,किसान आज भी खाद्य के लिए दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है,निजी दुकानदारों से उँचे दामों में खाद्य खरीद रहा है,मांग ओर आपूर्ति में बहुत बड़ा फर्क है,जहाँ किसान को 4,से 5डिएपी खाद की बोरी कि जरूरत हें बही सोसाइटी से एक बोर डिएपी दि जा रही है,किसान बहुत हताशा में है समय रहते अगर खाद नही मिलता है तो किसान सडकों पर अन्दोलन करता नज़र आयेगा, बिजावर में आज मंडी मे जैसे हीं सरकारी गोदाम में खाद्य पहुचने की जानकारी किसानो को मिली, किसान मंडी पहुँचे किसानो के बड़ी तादाद में पहुँचने से प्रसासन एलर्ट हो गया, तहसीलदार पुलिस वल के साथ मंडी पहुँचे,आक्रोशित किसानो को देखकर तहसीलदार ने एक एक बोरी डिएपी देने का निर्णय लिया जो किसानो के लिए ऊट के मुँह में जिरा जैसी कहावत हैं।
Home » बिजावर: डीएपी और यूरिया की मार झेल रहे किसान
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