पाटन/संवाददाता
पाटन तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम मझगवां में भगवान श्री कृष्ण के विमान शोभा यात्रा निकाली गई, प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतिबर्ष भगवान श्री कृष्ण अपने विमान में बैठ कर गांव के भ्रमण पर निकलते हैं भक्तों द्वारा मंदिर प्रांगण से उनकी शोभा यात्रा प्रारंभ हो कर सारे गाँव मे निकाली निकाली जाती है जिसमें आसपास के लोग शोभा यात्रा में सहयोगी बन इस पुण्य कर्म का लाभ उठाते हैं।
ग्राम मझगवां में डोल ग्यारस के उपलक्ष्य में निकाले गए विमान शोभा यात्रा में पं. भगवत प्रसाद गुरु पूर्व विधायक पाटन, ठाकुर विक्रम सिंह, ठाकुर मेघराज सिंह, ठाकुर राजेंद्र सिंह, नीरज पांडे ठाकुर गजेंद्र सिंह, ठाकुर इंद्रजीत सिंह, ठाकुर कंचन सिंह, ठाकुर अनुज सिंह, ठाकुर अरविंद सिंह,एवं मझागबाॅ, ग्राम पंचायत पोड़ी कांटी के समस्त प्रतिष्ठित लोगों ने पुण्य लाभ उठाया तथा शोभा यात्रा भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। ऐसी मान्यता है कि भगवान कृष्ण के जन्म के पश्चात माता यशोदा घाट पूजन करने जाती हैं इसी उपलक्ष में भगवान के विमान को निकाला जाता है आज ही के दिन भगवान श्री हरि विष्णु शयन काल के दौरान करवट बदलते हैं इसलिए इस एकादशी को पाश्र्व परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं

इसलिए मनाते हैं डोल ग्यारस
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी को डोल ग्यारस का उत्सव मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन कृष्ण के जन्म के अठारह दिन बाद यशोदा जी ने उनका जलवा पूजन किया था। उनके सम्पूर्ण कपड़ों का प्रक्षालन किया था उसी के अनुसरण में ये डोल ग्यारस का त्यौहार मनाया जाता है। इसी कारण इस एकादशी को जल झूलनी एकादशी भी कहते हैं। इस एकादशी में चन्द्रमा अपनी ग्यारह कलाओं में उदित होता है जिस से मन अति चंचल होता है अत: इसे वश में करने के लिए इस पद्मा एकादशी का व्रत रखा जाता है। किवदंती है की इस दिन विष्णु भगवान शयन करते हुए करवट बदलते हैं इस कारण से इस एकादशी को परिवर्तनी एकादशी भी कहते हैं। ऐसा माना जाता है की भगवान विष्णु हर चातुर्मास को अपना बलि को दिया हुआ वचन निभाने के लिए पाताल में निवास करते हैं।


