26.3 C
Madhya Pradesh
September 10, 2026
Bundeli Khabar
IMG 20210606 WA0013
मध्यप्रदेश

मूक जानवरों का सहारा बने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता

Bundelikhabar

विगत एक माह से शिवधाम में बंदरों को प्रतिदिन करा रहे आहार


बिजावर(कपिल खरे)- जैसे ही लॉकडाउन की घोषणा हुई तो प्रसिद्ध तीर्थधाम श्री जटाशंकर में भी सैकड़ों दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और यहां श्रद्धालुओं के पहुंचने और दर्शनों पर भी रोक लग गई। जिसका असर शिवधाम में रहने वाले सेकडों बंदरों पर भी पड़ा जिनके सामने अब रोज मिलने वाली प्रसाद और भोजन की समस्या सामने आ गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने इन मूक जानवरों की समस्या को भांपकर उनकी मदद की और उनका सहारा बनकर उन्हें भोजन कराने का जिम्मा लिया। जिसके तहत हर रोज यह स्वयंसेवक जटाशंकर पहुंचकर बंदरों के लिए चना और प्रसाद की व्यवस्था कर रहे है।

IMG 20210606 WA0011

खैराकला निवासी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता अमित त्रिवेदी ने बताया कि जब लॉकडाउन की घोषणा हुई तो लोगों का शिवधाम में पहुंचना बंद हो गया इससे यहां के बंदरों के सामने पेट भरने की समस्या निर्मित हो गई। हालांकि इस दौरान बंदर जंगली क्षेत्र और पहाड़ियों में जाकर अपना भोजन तलाशते रहे लेकिन शिवधाम श्री जटाशंकर में मिलने वाले प्रसाद से वह वंचित हो गए।

IMG 20210606 WA0013

त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम अजय मिश्रा, दिलीप मिश्रा, राजू राजपूत, लक्ष्मीकांत पांडे, रवि पांडे के अलावा करीब तीन दर्जन कार्यकर्ताओं के साथ पहले स्वयं करीब एक सप्ताह तक बंदरों के लिए चना और प्रसाद की व्यवस्था कर सेवा कार्य किया। इसके बाद अन्य लोगों ने भी इससे प्रेरणा ली और सामाजिक लोग आगे आए। करीब एक माह से हर रोज क्षेत्र के समाजसेवियो की मदद से चना और प्रसाद उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे बंदरों को पर्याप्त आहार मिल रहा है। वर्तमान में भी अनलॉक होने के बावजूद शिवदर्शन और यहां के धार्मिक आयोजनों पर रोक है जिसके चलते अभी दर्शनार्थी यहां नहीं पहुंच रहे हैं। जिस कारण यहां के छोटे दुकानदारों का व्यवसाय तो प्रभावित है ही साथ ही इन मूक जानवरों के सामने भी भोजन की समस्याएं हैं।

IMG 20210606 WA0011 1

ज्ञात हो कि शिवधाम श्री जटाशंकर में हजारों की संख्या में शिवभक्त पहुंचते हैं जो स्वेच्छा से यहां बंदरों को भोजन कराते हैं जिसके चलते शिवधाम में बड़ी संख्या में बंदर अपना डेरा जमाए हुए हैं और यह बंदर भी शिव के उपासक माने जाते हैं। यह शिवभक्त बंदर भी इंतजार कर रहे हैं कि कब पहले की तरह यहां भक्तों का आना शुरू हो और उन्हें शिव के जयकारों के साथ प्रसाद मिले। फिलहाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा की जा रही पहल बंदरों के लिए सहारा बनने के साथ ही क्षेत्रभर में मिसाल बनी है। जिसकी सामाजिक लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।

IMG 20210606 WA0014

Bundelikhabar

Related posts

एक्सक्लूसिव रिपोर्ट | बुंदेलखंड की मिट्टी से गूंथी ‘झुमरी की लुगाई’ – टीवी स्क्रीन पर जल्द दस्तक

Bundeli Khabar

आकाशीय बिजली गिरने से 5 लोगों के गवाँई जान 18 हूए घायल

Bundeli Khabar

कांग्रेस अजा.विभाग, युवा कांग्रेस, एन.एस. यू.आई ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती को श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया

Bundeli Khabar
error: Content is protected !!