मुंबई (गुरुदत्त वाकदेकर) : वर्ष २०१७में रानी दुर्गावती संग्रहालय स्थित कलाविथिका में चित्रकार रामकृपाल नामदेव द्वारा बनाई गई लता जी के ४० चित्रों से सजी पहली चित्रलतिका प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। जिसका शुभारंभ उनके प्रेरणास्रोत गुरु आदरणीय श्री भगवान दास पटेल जी ने किया था। रामकृपाल नामदेव कि कलाकृतियों को शहर के कला प्रेमियों ने खूब सराहा था। जबलपुर के चित्रकार रामकृपाल नामदेव लता मंगेशकर जी के बहुत बड़े भक्त हैं। तो उनके मन में यह विचार आया कि वे अपनी कला के माध्यम से लता जी का सम्मान करने का प्रयास करें। और इसी के अन्तर्गत देश के अलग अलग राज्यो में अबतक उन्होंने १२ प्रदर्शनी लगाई थी। मुंबई में उनकी यह १३वी प्रदर्शनी २६ से २९ जनवरी २०२३ तक रवींद्र नाट्य मंदिर में स्थित पु. ल. देशपांडे आर्ट गैलरी में लगाई गयी थी। उनकी १४वी चित्रलतिका प्रदर्शनी का आयोजन कोलकत्ता के जेमिनी राय आर्ट गैलरी में २२ – २६ फरवरी २०२३ में किया गया है। लतादीदी की बहन सुप्रसिद्ध गायिका उषा मंगेशकर ने प्रदर्शनी का
अवलोकन किया और नामदेव कि कला कि सराहना कि।
चित्रकार रामकृपाल नामदेवजी ने लगभग तीन से चार महीने में कैनवास पर आयल पेंट से लता जी की तस्वीर में करीब ९३० चेहरों को उकेरा था। जिसमें २९९ चेहरे लता जी के थे, इसमें सबसे ऊपर मां सरस्वती और बाकी ६३० चेहरे दुनिया की सुप्रसिद्ध महिलाओं के चेहरे थे जिन्होंने समाज के लिए कुछ अच्छा काम किया है। खास बात यह है कि इस तस्वीर को लेकर रामकृपाल नामदेव ने लता जी से मुलाकात भी की थी। तब लता जी ने तस्वीर पर आटोग्राफ देते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे अनमोल तोहफा है।
*वर्ष २०१६ में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है ये चित्र*
चित्रकार रामकृपाल नामदेव ने बताया कि वे २९ जून २०१४ को लता जी से मिले थे। लता जी की बनायी एक खास तस्वीर में उनके बचपन से लेकर जवानी तक के कई चित्र उकेरे हुए हैं। एक तस्वीर में लता जी, उनकी मां शेवंती मंगेशकर के साथ उनकी बहनें मीना खर्डीकर, आशा भोंसले, उषा मंगेशकर के साथ-साथ भाई हृदयनाथ मंगेशकर भी हैं। चित्रकार द्वारा ६० गुणा ४५ सेमी के कैनवास पर बनाई गई इस पेंटिंग को वर्ष २०१६ में लिम्का बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया है। लता मंगेशकर २९९ चेहरों के माध्यम से इस चित्र में देवनागिरी में लता शब्द उभरकर आता है।
चित्रकार रामकृपाल नामदेव जिन्होंने कई चित्रों के माध्यम से दीदी के जीवन को कैनवास पर उतारा है। उन्होंने ३० गुणा २४ इंच के फ्रेम पर आठ माह में लता दीदी का एक चित्र तैयार किया है। इस चित्र की खासियत यह है कि इसमें लता मंगेशकर के ४३५९ चेहरे बनाए गए हैं। बीते ४० वर्षों से चित्रकारी कर रहे जबलपुर के रामकृपाल बताते हैं कि, लता मंगेशकर हमेशा से उनकी प्रेरणा रही हैं। लता जी के सदाबहार नगमों को सुनते हुए चित्रकारी करने में वह खुद को ज्यादा ऊर्जावान पाते हैं। अब तक वह दीदी के ५० अधिक चित्र बना चुके हैं। इनमें से तीन चित्र ऐसे हैं जिनमें क्रमश: ९३०, १४३६ और ४३५९ चेहरे हैं। ९३० चेहरों वालीं पेंटिंग को लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में स्थान मिला है। १४३६ चेहरों वाली लता जी की एक अन्य पेंटिंग को एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान दिया गया है। उन्हें उम्मीद है कि ४३५९ चेहरों वाली पेंटिंग भी जल्द रिकॉर्ड बुक में दर्ज होगी।
इस प्रदर्शनी में अॅड. आशीषजी शेलार-पूर्व शिक्षा मंत्री एवं वर्तमान में मुंबई भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष, गोविंद नामदेव-सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता, संतोष पाण्डे-सामाजिक कार्यकर्ता, कृष्णा मंगेशकर, मकरंद जोशी, नेहा बाम-टी. वी. सीरियल अभिनेत्री, रंजना रतन-गायिका, शाँग्रीला न्यायनित-मराठी हिन्दी टी.वी.अभिनेत्री, प्रीतम सिंह-पत्रकार, रवि जैन-गायक इत्यादि कलाप्रेमींयोने प्रदर्शनी का लुफ्त उठाया।
कार्यक्रम कि व्यवस्था अन्जु नामदेव, अश्विनी जोशी, नमन नामदेव, मितुल अग्रवाल बहेतरीन तरिके से सम्भाली।

