23.5 C
Madhya Pradesh
January 29, 2026
Bundeli Khabar
Home » देश के सबसे बड़े उपन्यासों में शुमार ‘शिवाजीः महासम्राट’
महाराष्ट्र

देश के सबसे बड़े उपन्यासों में शुमार ‘शिवाजीः महासम्राट’

Bundelikhabar

संतोष साहू,

मुंबई। भारतीय इतिहास के सबसे चमकदार सितारों में शुमार महाराजा छत्रपति शिवाजी पर इस वर्ष एक उपन्यास श्रृंखला प्रकाशित होने जा रही है। मराठी के शीर्षस्थ उपन्यासकार विश्वास पाटील ‘शिवाजीः महासम्राट’ नाम की यह श्रृंखला लिख रहे हैं। इसका पहला खंड जल्द ही मराठी में प्रकाशित होने को तैयार है। जबकि दूसरा खंड कुछ महीनों के अंतराल से प्रकाशित होगा। अनेक राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित विश्वास पाटील ने लंबे और विस्तृत शोध के बाद यह उपन्यास श्रृंखला लिखने का बीड़ा उठाया। मराठी के बाद ‘शिवाजीः महासम्राट’ श्रृंखला हिंदी में भी प्रकाशित हो रही है।

अहमद शाह अब्दाली और मराठों के बीच हुई पानीपत की तीसरी लड़ाई पर ‘पानीपत’ और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर आधारित ‘महानायक’ जैसे वृहद उपन्यासों के लिए प्रतिष्ठित पाटील ‘शिवाजीः महासम्राट’ में इस महान मराठा योद्धा और शासक की जीवन तथा शौर्यगाथा लिख रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव 1991 में ‘पानीपत’ पढ़कर इतने प्रभावित हुए थे कि उन्होंने भारतीय ज्ञानपीठ से इसे हिंदी में तत्काल अनुदित करा के प्रकाशित करने को कहा। उन दिनों राव भारतीय ज्ञानपीठ के अध्यक्ष थे। पाटील पिछले कुछ वर्षों से शिवाजी के जीवन पर शोध कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने आगरा, तमिलनाडु, कर्नाटक से लेकर पूरे महाराष्ट्र में शिवाजी के 240 किलों की यात्रा की। इस उपन्यास श्रृंखला में उनका यह विस्तृत शोध, अभी तक अनदेखे-अप्रकाशित तथ्य, शिवाजी के प्रति विश्वसनीय और नए दृष्टिकोण के साथ सामने आएगा।

‘शिवाजीः महासम्राट’ का पहला खंड ‘झंझावात’ (द वर्लविंड) 450 पृष्ठों का है जबकि दूसरा ‘रणखैंदल’ (ग्रिम बैटलफील्ड) लगभग 500 पृष्ठों का। इनके बाद यह उपन्यास श्रृंखला और आगे बढ़ेगी। मराठी में मेहता पब्लिशिंग हाउस इसे प्रकाशित कर रहा है, जबकि हिंदी में राजकमल प्रकाशन से यह सीरीज आएगी। अंग्रेजी में नदीम खान इस उपन्यास का अनुवाद कर रहे हैं। ‘शिवाजीः महासम्राट’ देश की सबसे बड़ी उपन्यास श्रृंखला होगी।

मराठी में लिखने के बावजूद पाटील तमाम भारतीय भाषाओं समेत अंग्रेजी में भी लोकप्रिय हैं। ‘पानीपत’ और ‘महानायक’ के हिंदी-अंग्रेजी समेत कई भारतीय भाषाओं में दर्जनों संस्करण प्रकाशित हुए हैं। बांग्ला के प्रसिद्ध साहित्यकार सुनील गंगोपाध्याय ने ‘देश’ पत्रिका में पाटील के ‘महानायक’ पर विशेष आलेख लिखा था। वह हमेशा इसे अपने पसंदीदा उपन्यासों की श्रेणी में रखते रहे। मात्र 32 वर्ष की आयु में विश्वास पाटील को उनके उपन्यास ‘झाड़ाझड़ती’ के लिए मुख्य साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था। यह बांध निर्माण से प्रभावित होने वाले लोगों की दुर्दशा बयान करता है।

हाल में विश्वास पाटील को असम के प्रतिष्ठित इंदिरा गोस्वामी नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है। जबकि पिछले कुछ दिनों से मराठी फिल्म ‘चंद्रमुखी’ को लेकर भी वह चर्चा में हैं। यह फिल्म पाटील के चर्चित राजनीतिक-सांस्कृतिक उपन्यास ‘चंद्रमुखी’ पर आधारित है और 29 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।


Bundelikhabar

Related posts

डॉ.सदानंद पाटील यांच्या अमृत महोत्सवी पुस्तक प्रकाशनाचे भाग्य मला मिळावे – ना.कपिल पाटील

Bundeli Khabar

कल्याण पश्चिम येथील लसिकरणाला मोठा प्रतिसाद

Bundeli Khabar

डिसिफर लॅब्सने अल्पावधीत दिले १५० टक्क्यांनी परतावे

Bundeli Khabar
error: Content is protected !!