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May 31, 2026
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आधुनिक हथियारों से लैस कैसा होता है प्रधानमंत्री का सुरक्षा काफिला

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सौरभ शर्मा/ एडिटर इन चीफ

NSG के कमांडो से घिरे होते हैं प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री के काफिले के ठीक आगे और पीछे पुलिस के सुरक्षाकर्मियों की गाड़ियां होती हैं. बाईं और दाईं ओर 2 और वाहन होते हैं और बीच में प्रधानमंत्री का बुलेटप्रूफ वाहन होता है. हमलावरों को गुमराह करने के लिए काफिले में प्रधानमंत्री के वाहन के समान दो डमी कारें शामिल होती हैं.

गौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री की सुरक्षा किसी भी देश के अन्य प्रमुखों की तरह कड़ी होती है. भारत के प्रधानमंत्री को 24 घंटे सुरक्षा मुहैया कराने की जिम्मेदारी SPG यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप की होती है. प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, एसपीजी के सटीक निशानेबाजों को हर कदम पर तैनात किया जाता है. ये शूटर एक सेकेंड के अंदर आतंकियों को मार गिराने में सक्षम होते हैं. इन जवानों को अमेरिका की सीक्रेट सर्विस की गाइडलाइंस के मुताबिक ट्रेनिंग दी जाती है. SPG के जवानों के पास MNF-2000 असॉल्ट राइफल, ऑटोमेटिक गन और 17 एम रिवॉल्वर जैसे आधुनिक हथियार होते हैं, प्रधानमंत्री के काफिले में 2 बख्तरबंद BMW 7 सीरीज सेडान, 6 BMW X-5 और एक मर्सिडीज बेंज एंबुलेंस के साथ एक दर्जन से अधिक वाहन मौजूद होते हैं. इनके अलावा, एक टाटा सफारी जैमर भी काफिले के साथ चलता है. प्रधानमंत्री के काफिले के ठीक आगे और पीछे पुलिस के सुरक्षाकर्मियों की गाड़ियां होती हैं. बाईं और दाईं ओर 2 और वाहन होते हैं और बीच में प्रधानमंत्री का बुलेटप्रूफ वाहन होता है।

हमलावरों को गुमराह करने के लिए काफिले में प्रधानमंत्री के वाहन के समान दो डमी कारें शामिल होती हैं. जैमर वाहन के ऊपर कई एंटेना होते हैं. ये एंटेना सड़क के दोनों ओर रखे गए बमों को 100 मीटर की दूरी पर डिफ्यूज करने में सक्षम हैं. इन सभी कारों पर NSG के सटीक निशानेबाजों का कब्जा होता है. इसका तात्पर्य यह है कि सुरक्षा के उद्देश्य से प्रधानमंत्री के साथ लगभग 100 लोगों का एक दल होता है, प्रधानमंत्री के साथ जो सुरक्षाकर्मी चलते हैं उनके पास एक ब्रीफकेस होता है, इसको हमेशा प्रधानमंत्री से कुछ ही फीट की दूरी पर रखा जाता है. इस ब्रीफकेस में पीएम की सुरक्षा के लिए एक विशेष प्रकार की पिस्टल होती है. अगर पीएम पर कोई खतरा हो, तो ये बॉडीगार्ड इस स्थिति में ब्रीफकेस से गन निकाल सकते हैं. आप तस्वीरों के जरिए इसे कैसे इस्तेमाल करते हैं, उसे समझ सकते हैं।

छोटा-सा दिखने वाला यह ब्रीफकेस किसी भी खतरे के दौरान लगभग हर तरह की गोलीबारी से पीएम कि रक्षा कर सकता है. दरअसल, यह ब्रीफकेस एक ही झटके में इतना बड़ा बन जाता है कि पीएम को पूरी तरह से ढक सके. इस ब्रीफकेस पर किसी भी गोली का असर नहीं होता है, दरअसल, इस सूटकेस में एक न्यूक्लियर बटन होता है जैसे ही किसी घटना की आशंका लगती है तो इसे इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाता है. अगर सुरक्षा में लगे लोगोंं को किसी भी तरह का खतरा महसूस होता है तो उन्हें इसे नीचे की तरफ खोल देना होता है. ये एक तरह से ढाल का काम करता है।


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