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April 13, 2024
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आज शाम स्कूलों में दिखेगा चंद्रयान-3

सौरभ शर्मा/एडिटर इन चीफ
भारत देश अपना वर्चस्व सम्पूर्ण विश्व को दिखाने एवं चाँद के उस हिस्से पर अपना परचम लहराने तैयार है जहाँ आज तक विश्व का कोई भी देश पहुंच नही पाया है चंदा मामा का वो हिस्सा जो हमेशा अंधेरे में रहता है जहाँ तक दूसरे देशों की मात्र सोच पहुंचती है वहां महज कुछ ही घंटों के बाद अपने नाम की मोहर लगाने वाले हैं क्योंकि चंद्रयान-3 अपने मुख्य चरण पर पहुंचने वाला है।

ज्ञात हो कि चंद्रयान-3 को पृथ्वी से 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किया गया था जो कुछ घंटों के चंद्रमा की सतह को छू लेगा, इस ऐतिहासिक पल का सीधा प्रसारण हम और आप अपने टेलीविजन पर लाइव देख सकते हैं हाँ भारत सरकार और इसरो ने यह व्यस्था की है कि सारा विश्व इस ऐतिहासिक पल साक्षी बने साथ भारत सरकार द्वारा यह आदेश किया गया है देश के सभी स्कूलों में इसके सीधे प्रसारण की व्यवस्था की जाए ताकि स्कूली बच्चे इस ऐतिहासिक घड़ी को लाइव देख सकें।

चंद्रयान-3 के मिशन उद्देश्य हैं:
चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और नरम लैंडिंग का प्रदर्शन करना, रोवर को चंद्रमा पर घूमते हुए प्रदर्शित करना और यथास्थान वैज्ञानिक प्रयोगों का संचालन करना।

मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए, लैंडर में कई उन्नत प्रौद्योगिकियाँ मौजूद हैं :
अल्टीमीटर: लेजर और आरएफ आधारित अल्टीमीटर
वेलोसीमीटर: लेजर डॉपलर वेलोसीमीटर और लैंडर हॉरिजॉन्टल वेलोसिटी कैमरा
जड़त्व माप: लेजर जाइरो आधारित जड़त्वीय संदर्भ और एक्सेलेरोमीटर पैकेज
प्रणोदन प्रणाली: 800N थ्रॉटलेबल लिक्विड इंजन, 58N एटीट्यूड थ्रस्टर्स और थ्रॉटलेबल इंजन कंट्रोल इलेक्ट्रॉनिक्स
नेविगेशन, मार्गदर्शन और नियंत्रण (एनजीसी): संचालित डिसेंट ट्रैजेक्टरी डिजाइन और सहयोगी सॉफ्टवेयर तत्व
खतरे का पता लगाना और बचाव: लैंडर खतरे का पता लगाना और बचाव कैमरा और प्रसंस्करण एल्गोरिदम
लैंडिंग लेग तंत्र।
उपरोक्त उन्नत प्रौद्योगिकियों को पृथ्वी की स्थिति में प्रदर्शित करने के लिए, कई लैंडर विशेष परीक्षणों की योजना बनाई गई है और उन्हें सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

एकीकृत शीत परीक्षण – परीक्षण मंच के रूप में हेलीकॉप्टर का उपयोग करके एकीकृत सेंसर और नेविगेशन प्रदर्शन परीक्षण के प्रदर्शन के लिए।
एकीकृत हॉट परीक्षण-परीक्षण मंच के रूप में टॉवर क्रेन का उपयोग करके सेंसर, एक्चुएटर्स और एनजीसी के साथ बंद लूप प्रदर्शन परीक्षण के प्रदर्शन के लिए।
विभिन्न टच डाउन स्थितियों का अनुकरण करते हुए चंद्र सिमुलेंट परीक्षण बिस्तर पर लैंडर लेग तंत्र प्रदर्शन परीक्षण।

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