सौरभ शर्मा/एडिटर इन चीफ
प्रदेश की आम जनता की निगाहें जिस फैसले पर टिकी हुई हैं उसकी सुनवाई आज देश का सर्वोच्च न्यायालय करेगा, गैरतलब है कि त्री-स्तरीय पंचायत चुनाव पर अंतरिम रोक लगाए जाने के संबंध में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिकाएं लगाई गई थी किंतु मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ ने चुनाव प्रक्रिया पर अंतरिम रोक देने से इनकार कर दिया था जिसकी पैरवी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता गण अधि. विवेक तन्खा, अधि. शशांक शेखर, एवं अधि. आदर्श मुनि त्रिवेदी कर रहे थे ।याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कांग्रेस से राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने उक्त आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है मामले की पैरवी करते हुए उन्होंने संविधान की धारा 243a के उल्लंघन के आधार पर याचिका दायर की थी।
मध्य प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्टे देने से साफ इनकार कर दिया है उच्च न्यायालय जबलपुर में चली तकरीबन 40 मिनट लंबी बहस के बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस माननीय रवि मलिमथ एवं विजय कुमार शुक्ला जी की डबल बेंच ने ग्वालियर खंडपीठ के आदेश को यथावत रखा उन्होंने कहा कि जब ग्वालियर खंडपीठ ने आगामी पंचायत चुनाव पर रोक लगाने से इंकार कर दिया तो बेंच बदलने से क्या होगा एवं उन्होंने कहा मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को यथावत रखा जाएगा। जिसके आदेश के तहत माननीय सर्वोच्च न्यायालय में कल अपील की गई थी जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा मंजूर कर ली गई एवं जिसकी आज सुनवाई होगी।
क्या है मामला
ज्ञात हो कि सरकार ने 2019-20 में पंचायत चुनाव का आरक्षण निर्धारित कर दिया था जिसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी जिसको निरस्त किए बिना अध्यादेश के माध्यम से पुनः अधिसूचना जारी कर दी गई राज्य सरकार ने 21 नवंबर 2021 को 2014 के आरक्षण के रोस्टर के तहत चुनाव कराने की घोषणा की थी जिसके आधार पर याचिकाकर्ता उच्च न्यायालय से चुनाव पर अंतरिम रोक की मांग कर रहे थे।

