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May 2, 2026
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विश्व पटल पर अलग अलग विधा में झांसी का नाम रोशन करने वाले एक ही माँ के तीन लाल

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विश्व पटल पर अपनी प्रतिभा से धूम मचाने वाले झांसी के तीन कलाकार जिन्होंने अपनी मेहनत लगन और प्रतिभा से केवल देश प्रदेश मै ही नही अपितु पूरे विश्व मै अपने नाम की धूम मचाई है आइये बात करते है दिल्ली मै निवासरत झांसी उत्तरप्रदेश के तीन सगे भाई सचिन शर्मा, विपिन शर्मा और नितिन शर्मा। झांसी उत्तरप्रदेश मे लोक निर्माण विभाग मे अधिकारी रहे स्व श्री हरिओम शर्मा एवं स्व श्रीमती हेमलता शर्मा जी के सुपुत्र जिन्होंने अपनी छोटी सी उम्र मे ही अपनी अपनी विधाओं मे महारत हासिल कर ली थी और झांसी के मंचों से अपना सफर शुरू करते हुए आज फ्रांस, इटली, स्विज़रलेंड आदि देशों तक अपनी कला का परचम लहराया और आज तक उस सफर को चालू रखा।
सचिन शर्मा – सबसे बड़े भाई सचिन शर्मा जिन्होंने तबला वादन के क्षेत्र मे अपने नाम का परचम लहराया। मात्र छः बर्ष की छोटी उम्र से ही तबला वादन चालू किया। झांसी के संगीत विद्यालय से अपनी संगीत की शिक्षा प्रारंभ की किंतु अमूमन देखा गया है कि पूत के पैर पालने मे ही नज़र आ जाते है ये कहावत तीनों भाइयों के साथ चरितार्थ हुई और देखते ही देखते तीनों भाई बुलंदियों को छूते चले गए। इनका सफर झांसी के छोटे छोटे कार्यक्रमो और प्रतियोगिताओं से चालू हुआ और विदेशों तक पहुँच गया। अपनी संगीत की शिक्षा झांसी के प्रभु रामलाल संगीत महाविद्यालय से प्रारंभ का खैरागढ़ के संगीत महाविद्यालय से एमए किया। तथा झांसी से सफर की शुरुआत कर 17 देशों में अपने हुनर का जादू बिखेरा जिसके चलते आम आदमी से लेकर भारत देश के प्रधानमंत्री तक उनकी काबिलियत कायल हो गए।

कुछ लोगों के अनुसार अब आधुनिकता के युग मे शास्त्रीय संगीत धीरे धीरे पतन की ओर जा रहा है। नई पीढ़ी इस विधा को कम पसंद करती है हॉलीबुड और बॉलीबुड के गानों की ओर लोगों का ज़्यादा रुझान हो रहा है। जिससे हमारी प्राचीन विरासत कुछ संकट में आ रही है।लेकिन सचिन शर्मा ऐसा नही मानते है सचिन शर्मा जी लागतार तीन बार नाटक संगीत अकादमी लखनऊ से प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया बाद आपको तबला श्री के सम्मान से भी नवाजा गया। दिल्ली की नवोदित संगीत समिति द्वारा संगीत रत्न की उपाधि प्राप्त की। पं श्री कृष्ण कांत झा जी के परम शिष्य सचिन शर्मा ने अपनी संगीत शिक्षा आपसे ही प्राप्त की एवं उस्ताद जाकिर हुसैन जी को अपना आइडल पर्सन मानने वाले सचिन शर्मा ने एकलब्य की तरह उनके ऑडियो वीडियो के माध्यम से ज्ञान अर्जित किया। तथा देश के नामी गिरामी कलाकारों के साथ अपनी संगत दे चुके है एवं प्रसिद्ध संतूर वादक उस्ताद अभय रुस्तम सोपरी के साथ यूरोप के देशों में भी अपनी कला बिखेर कर आये है।

सचिन शर्मा

विपिन शर्मा – तीनो भाइयों में दूसरा नाम है विपिन शर्मा जिन्होंने अन्य दो भाइयों से अलग चित्रकारी का क्षेत्र चुना और कागज पर सात रंगों से अपनी कामयाबी की इबारत लिखना शुरू किया। इनका का भी सफर झांसी से शुरू हुआ और धीरे धीरे देश की राजधानी के कला दीर्घाओं तक पहुंचा। अपनी पेंटिंग्स के जरिये विपिन शर्मा ने फिल्मी लाइन में भी अपने एनिमेशन की छाप छोड़ी। देश भर में एग्जीवेशन के जरिये अपनी कला का प्रचार और प्रसार किया जिसको देश के लोगों ने काफी पसंद किया और सराहा। आपको कला में मां सरस्वती का मानो ऐसा आशीर्वाद प्राप्त है कि जिससे कागज पर रंगों से जीवंत तस्वीर दिखाई देती है। मानो कुछ क्षणों पश्चात वह बोलने को उत्सुक हो।

विपिन शर्मा

नितिन शर्मा – यह कलाकार उम्र में जितना छोटा है अपनी गायकी में उतना ही बड़ा है। नितिन शर्मा तीनो भाइयों में सबसे छोटे है लेकिन उनकी गायकी उतनी ही बड़ी है अपनी छोटी सी उम्र से गायकी को भगवान मानने वाले नितिन शर्मा ने शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग ही गरिमा बनाई है जिस सम्पूर्ण झांसी नगरी अपने आप को गौरवान्वित महसूस करते हैं। नितिन शर्मा ने झांसी से अपना रुख मायानगरी मुम्बई की ओर किया एवं वहां से संगीत सम्राट पं श्री अजय पोहनकर साहब का सानिध्य प्राप्त किया। नितिन शर्मा ने अपनी छोटी सी उम्र से उत्तप्रदेश में होने शासकीय और अशासकीय प्रतियोगिताओ में गायकी के क्षेत्र में अपने झंडे गाड़े। नितिन शर्मा ने भी बर्ष 2006 में संगीत नाटक अकादमी लखनऊ से प्रथम स्थान हासिल किया।और संगीत के क्षेत्र में आयोजित होने वाली कई प्रतियोगिताओं में अपनी गायकी का शमा बाँधा और पुरष्कृत हुए।

नितिन शर्मा

अमूमन हम यह कह सकते है कि मां वीणा वादिनी का आशीर्वाद न जगह देखता है न धर्म, न जाति देखता है न उम्र वह तो केवल लगन और मेहनत देखता है।इसलिये जो इस साधना में लीन हो जाता है उसको सफलता अवश्य मिलती है जिसके जीते जागते उदाहरण है शर्मा बंधु।


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