मुम्बई। हाल ही में राजस्थान की लोकप्रिय सिंगर, एक्टर, डांसर रानी रंगीली ने मुम्बई के अंधेरी स्थित द कंट्री क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया। उसी अवसर पर पत्रकारों से हुई बातचीत में रानी ने अपने बारे में बताया कि वह निम्नवर्गीय परिवार में पैदा हुई। प्रारंभ में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। रानी के अंदर जन्मजात अभिनय, नृत्य और गायन का कौशल है और उन्होंने ठान रखा था कि वह अपने परिवार के भलाई के लिए कार्य करेंगी और उन्होंने यह करके भी दिखा दिया। रानी ने बेहद कम उम्र में ही गायन के क्षेत्र में कदम रखा और वह कामयाब भी हुई। पिछले दस बारह साल से वह गायन, अभिनय और नृत्य कर रही है। लेकिन अश्लीलता को परे रखकर वह मर्यादा में रहते हुए स्टेज शो करती हैं। देश भर में उनके कार्यक्रम होते रहते हैं। जिसकी वजह से वह आज प्रसिद्ध है और राजस्थान का नाम रौशन कर रही हैं। आज राजस्थान में उनकी लोकप्रियता इतनी अधिक है कि राजस्थान की भूमि में कहीं भी गायन शो होता है और वहाँ रानी के आगमन का संदेह होने मात्र से लोगों की भीड़ उमड़ जाती है। रानी रंगीली निर्देशक गोपाल गुर्जर को अपना गुरु और मार्गदर्शक मानती है। उन्होंने बताया कि वह अजमेर में अपना शो कर रही थी तब इस शो में उनकी प्रतिभा देखकर निर्देशक गोपाल गुर्जर ने उन्हें एलबम ‘बन्नी म्हारी नाचणी होती’ में काम करने का मौका दिया और अभिनय कौशल को निखारा जिससे आज रानी को राजस्थान का हर घर पहचानता है। रानी को रंगीली नाम भी इन्होंने ही दिया। वह बताती हैं कि उनके कपड़े, गायन और नृत्य बेहद अतरंगी और अलग था इसलिए उन्हें रंगीली नाम दिया गया। यह नाम उनके लिए बेहद लकी साबित भी हुआ। रानी से प्रभावित हो कर आज लगभाग कई राजस्थानी गायक रंगीली उपनाम का उपयोग कर रहे हैं। रानी रंगीली का डांस और गायन कौशल बेहद अलग था जिसे तराशने का काम उनके गुरु ने किया। यह एलबम बेहद कामयाब रहा और रानी ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। रानी अपने गीत स्वयं लिखती है और गाती है। अपने एलबम में अभिनय और नृत्य भी करती है। राजस्थान की लोक कला को भारत के कोने कोने में पहुंचाने का काम रानी कर रही है। उनकी एलबम ‘नाग लपेटा’ दक्षिण भारत और विदेशों में भी मशहूर है। ‘लीलण सिंगारे’ एलबम के भजन गीत को लोग आज भी शादियों में सुनते हैं। रानी का हर एलबम नई ऊंचाइयों को छूता है। वह काफी व्यस्त रहती है पर जब भी समय मिलता है वह अपनी कला को निखारने के लिए रियाज करती है। हाल ही में कुमार शानू के साथ ‘दीये जले’ अलबम में उन्हें गाने का मौका मिला जिससे प्रेरित होकर रानी भी बॉलीवुड में काम करना चाहती हैं।
रानी ने अभिनेता कुँवर महेंद्र सिंह के साथ कई म्यूजिक वीडियो में अभिनय किया है।
राजस्थानी गायिका साँवरी बाई के गायन से वह प्रभावित हैं। बॉलीवुड में अभिनेत्री माधुरी दीक्षित को वह अपना आईडल मानती है। माधुरी की फिल्म कोयला से प्रभावित होकर उन्होंने माधुरी दीक्षित के नृत्य कौशल का अनुसरण किया। प्रतिवर्ष पुष्कर मेले में वह अपना कार्यक्रम करती है। उनकी प्रसिद्धि इतनी ज्यादा है कि उन्हें एमएलए के टिकिट का प्रस्ताव मिला था मगर उन्होंने यह अस्वीकृत कर दिया। वह जमीन से जुड़ी सख्सियत है। लोगों की वह निःस्वार्थ भाव से यथा योग्य सेवा करती है। कारोना महामारी के समय में भी वह लोकहित में काम कर रही थी। वह किसी पद विशेष की चाह नहीं रखती शांत रूप से जनहित करना उन्हें पसंद है। रानी रंगीली का कहना है कि प्रसिद्धि पाने के लिए कभी भी अश्लीलता का सहारा नहीं लेना चाहिए अगर आपमें प्रतिभा है तो एक दिन वह सबके सामने आएगी और आप सफल जरूर होंगे बस खुद पर विश्वास रखें।
Home » बॉलीवुड में राजस्थानी सिंगर, एक्टर, डांसर रानी रंगीली की दस्तक

