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July 28, 2026
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सबसे कम समय में पायलट बनी अंशिका

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मुंबई। महानगर के उपनगर मालाड की 19 वर्षीय छात्रा अंशिका आशीष मंगल ने सबसे कम समय में वाणिज्यिक पायलट उड़ान प्रशिक्षण पूरा कर कीर्तिमान स्थापित किया है। अंशिका ने अमेरिका सतही कैलीफोर्निया से अपनी व्यावसायिक पायलट ट्रेनिंग पांच महीने दस दिन में पूरी की है। अंशिका ने दो साल पहले सबसे कम उम्र (19 वर्ष) की पायलट बनी मैत्री पटेल और इस साल सबसे कम उम्र की पायलट बनी साक्षी कोचर (18 वर्ष) के भी उड़ान प्रशिक्षण अवधि से कम समय में यह उपलब्धि हासिल की है। मैत्री ने 11 महीने जबकि साक्षी ने साढ़े सात महीने में प्रशिक्षण उड़ान अवधि पूरी की जबकि अंशिका ने मात्र पांच महीने दस दिन में 250 घंटे की उड़ान अवधि पूरी कर सबसे कम समय में व्यावसायिक पायलट बन गई हैं।
अंशिका ने अपनी उपलब्धि से न केवल अपने पिता आशीष मंगल और मां पायल मंगल को गौरवान्वित किया है, बल्कि सबसे कम समय में वाणिज्यिक उड़ान प्रशिक्षण पूरा करने का रिकॉर्ड बनाकर भारत को भी गौरवान्वित किया है। चूँकि 2020 और 2021 में कोविड के चलते अधिकांश विद्यालय बंद से तब अंशिका ने मार्च 2022 में राष्ट्रीय मुक्त शिक्षा संसथान के जरिये मुंबई से 12वीं की परीक्षा विज्ञानं विषय सहित 84 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। उसके बाद उसने जून 2022 से सितंबर 2022 के बीच डब्ल्यूपीसी रेडियो टेलीफोन परीक्षा आरटीआर (ए) के साथ-साथ अपने वाणिज्यिक पायलट प्रशिक्षण सिद्धांत के पेपर को भी पास कर लिया था। वह अब अपना प्रशिक्षण शुरू करने के लिए तैयार थी, उसने आवेदन किया और नवंबर 2022 में उसे अमेरिकी वीजा प्राप्त हुआ और दिसंबर 2022 के आखिरी सप्ताह में उसने अपना उड़ान प्रशिक्षण शुरू किया। अपने प्रशिक्षण के दौरान इसी महीने की 6 तारीख को वह छात्र पायलट, निजी पायलट, उपकरण रेटिंग और अंततः वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस परीक्षा में शामिल हुईं और उत्तीर्ण हुईं। अपनी उपलब्धि के बारे में बात करने पर उन्होंने कहा कि मैंने 10वीं कक्षा से ही दृढ़ निश्चय कर लिया था कि मुझे पायलट बनना है। केवल एक चीज जिसकी मेरे परिवार को चिंता थी वह थी मेरी सुरक्षा। जब मैंने अपने पिता के साथ अपनी योजनाओं पर चर्चा की, वस्तुतः प्रत्येक उड़ान में मेरे पिता ने इस चिंता को दूर करने के लिए उस उड़ान के पायलटों से बात करना सुनिश्चित किया और अंततः वह बहुत संतुष्ट हुए और हमने आगे बढ़ने का फैसला किया। इसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा, मैंने सबसे पहले अपना क्लास 2 का मेडिकल करवाया ताकि यह सुनिश्चित कर सकूं कि मैं पायलट बनने के लिए शारीरिक रूप से फिट हूं और फिर मैंने पहले प्रयास में अपने सभी डीजीसीए थ्योरी पेपर को पास करने के लिए बहुत मेहनत की। मैंने डब्ल्यूपीसी आरटीआर (ए) परीक्षा भी उत्तीर्ण की। और 27 दिसंबर 2022 से यूएसए में अपनी उड़ान शुरू की। मेरा उड़ान अनुभव उत्कृष्ट था, शुरुआत में मेरी सोलो रिलीज तक उड़ान प्रशिक्षण कठिन था। लेकिन मेरे माता-पिता तब तक यूएस में मेरा हौसला बढ़ाये रखने के लिए मेरे साथ रहे। अपनी एकल रिलीज़ के बाद मैं सचमुच अपनी उड़ान का आनंद ले रही थी और इसलिए मैं इतने कम समय में अपना प्रशिक्षण पूरा कर सकी। अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि मैं मल्टी इंजन प्रशिक्षण से गुजरूंगी और फिर अपनी लाइसेंस रूपांतरण प्रक्रिया यहीं भारत में पूरी करूंगी। उसके बाद मेरी योजना टाइप रेटेड होने की है और मुझे पूरा विश्वास है कि मैं केवल भारतीय एयरलाइंस के लिए ही काम करूंगी।
फार्मास्युटिकल और सर्जिकल उपकरण व्यवसायी अंशिका के पिता आशीष मंगल ने कहा कि मेरे पूरे परिवार या ससुराल में कोई भी पायलट नहीं है। न ही मैं विमानन उद्योग से किसी को जानता था। मेरे लिए सही जानकारी जुटाना और अपनी बेटी का मार्गदर्शन करना वाकई चुनौतीपूर्ण था। मुझे गर्व है कि उसने वास्तव में अपने उड़ान प्रशिक्षण के लिए बहुत कड़ी मेहनत की। जब भी मौसम अच्छा होता तो वह दिन में 5-8 घंटे उड़ान भरती थी। एक लड़की जिसे घरेलू गतिविधियों का कोई अनुभव नहीं था, उसने अब सब कुछ सीख लिया है और वह भी रिकॉर्ड समय में अपना उड़ान प्रशिक्षण पूरा करके।


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