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May 13, 2026
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शिवरात्रि विशेष: सुख और सौभाग्य के लिए शिव जी का कैसे करें अभिषेक

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सौरभ शर्मा/ब्यूरो डेस्क

महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव को प्रसन्न करने का दिन माना जाता है। आइए जानते हैं किस प्रकार की मनोकामना के ‍लिए शिव शंकर का किस द्रव्य से पूजन करना चाहिए। सभी अभिषेक द्रव्य का फल अलग-अलग है।

1. गंगाजल या शुद्ध जल- सौभाग्य वृद्धि।

2. दूध गाय का- गृह शांति तथा लक्ष्मी प्राप्ति।

3. सुगंधित तेल- भोग प्राप्ति।

4. सरसों का तेल- शत्रु नाश।

5. मीठा जल- बुद्धि विलास।

6. घी- वंश वृद्धि।

7. पंचामृत- मनोवांछित प्राप्ति के लिए।

8. गन्ने का रस या फलों का रस- लक्ष्मी तथा ऐश्वर्य प्राप्ति।

9. छाछ- ज्वर से छुटकारा।

10. शहद- ऐश्वर्य प्राप्ति।

 

शिवलिंग कई प्रकार के उपयोग में लाए जाते हैं हर शिवलिंग का फल अलग-अलग है:

महाशिवरात्रि शव से शिव होने की यात्रा ही जड़ से चैतन्य होने की यात्रा है। फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में चतुर्दशी को मनाया जाने वाला यह पर्व ‘शिवरात्रि’ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भोलेनाथ का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। इस‍ दिन शिव मंत्र जप-हवन-अभिषेक हवन का बड़ा महत्व है। यदि मंदिर में पूजन इत्यादि करें तो ठीक अन्यथा घर पर भी पूजन कार्य किया जा सकता है। महाशिवरात्रि पूजा के लिए आवश्यक है शिवलिंग। नंदी को एक बड़े पात्र में रखें। शिव जी की जलाधारी का मुंह उत्तर दिशा की ओर रखते हुए पूजन प्रारंभ किया जा सकता है।

शिवलिंग कई प्रकार के उपयोग में लाए जाते हैं हर शिवलिंग का फल अलग-अलग है।

1. पार्थिव शिवलिंग- हर कार्य सिद्धि के लिए।

2. गुड़ के शिवलिंग- प्रेम पाने के लिए।

3. भस्म से बने शिवलिंग- सर्वसुख की प्राप्ति के लिए।

4. जौ या चावल या आटे के शिवलिंग- दाम्पत्य सुख, संतान प्राप्ति के लिए।

5. दही से बने शिवलिंग-‍ ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए।

6. पीतल, कांसी के शिवलिंग- मोक्ष प्राप्ति के लिए।

7. सीसा इत्यादि के शिवलिंग- शत्रु संहार के लिए।

8. पारे के शिवलिंग- अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष के लिए।


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