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April 16, 2026
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मध्यप्रदेश

छतरपुर: विवादों से घिरे डीएफओ भोपाल अटैच

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छतरपुर/ब्यूरो

जिले के वन मंडल अधिकारी अनुराग कुमार का अपने ही विभाग के कर्मचारियों से लगातार विवाद चलता रहा और उनके द्वारा अपने विभाग के अधीनस्थ वन कर्मचारियों और रेंजरो का शोषण करते हुए निलंबन किया गया और निलंबन भत्ता आज दिनांक तक नहीं दिया गया जिसके कारण छतरपुर की सभी बन अमले के द्वारा विरोध का स्वर प्रकट किया गया लेकिन उनके द्वारा अपनी पहुंच और पैसे से उनके विरोध को कुचल कर और दमन करके दवा दिया गया लेकिन उपरोक्त दमन का आक्रोश देखते हुए भोपाल के अधिकारियों द्वारा उनका फेवर करके छुट्टी पर भेजा गया। जिसके चलते उन्हें छुट्टी पर भी  जाना पड़ा था। उसके बाद उन्होंने पुन: पदभार ग्रहण किया उसके बावजूद भी उनके कर्मचारियों के बीच संमजस नहीं बैठा। परंतु छतरपुर जिले में लगातार विवादों में घिरे रहने वाले डीएफओ को अंतत: राज्य शासन ने वल्लभ भवन में अटैच कर दिया है। उनकी विवादित कार्यशैली के चलते कई वन कर्मचारी शुगर एवं ब्लडप्रेशर के शिकार हो गए थे। यहां तक कि एक वनरक्षक की मौत का भी आरोप डीएफओ अनुराग कुमार के ऊपर लगाया गया था लेकिन अनुराग कुमार के द्वारा संबंधित वनरक्षक के परिवार को डरा धमका कर अपने फेवर में इस आशय के एफिडेविट साइन करा लिए गए थे कि यदि संबंधित वनरक्षक का परिवार उनके विरुद्ध मुंह खोलेगा तो किसी को पेंशन नहीं मिलेगी ना ही अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी इसी का संज्ञान लेते हुए रेंजर एसोशिएसन के प्रदेशाध्यक्ष शिशुपाल अहिरवार के द्वारा इन्हें हटाए जाने के लिए शासन और प्रशासन के साथ-साथ महामहिम राज्यपाल एवं माननीय मुख्यमंत्री जी एवं माननीय वन मंत्री जी से लगातार पत्राचार किया गया जिसके परिणाम स्वरूप महामहिम राज्यपाल के आदेश अनुसार आज छतरपुर के पूर्व कलेक्टर एवं वन विभाग के उपसचिव मोहिंत बुंदस के हस्ताक्षर से इन्हें छतरपुर से तबादला कर भोपाल मंत्रालय में अटैच किया गया है।  इतना नहीं नहीं वर्तमान में रेंजर एसोसिएशन और अन्य वन विभाग के संगठनों द्वारा अनुराग कुमार के विरुद्ध मोर्चा जारी रहेगा जिसमें उनके कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों के सत्यापन और निरीक्षण के साथ साथ उनके द्वारा अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए कब-कब अपने वेतन का उपयोग किया है और कितना पैसा उनके द्वारा खर्च किया गया है इसकी जांच के लिए जांच एजेंसियों को रेंजर एसोसिएशन के तरफ से शिकायती पत्र प्रेषित किया जाएगा जिसमें उनके साथ संलिप्त अन्य साथ देने वालों की भी जांच रेंजर एसोसिएशन कराएगा इसी प्रकार की मुहिम रेंजर एसोसिएशन के द्वारा अन्य इस प्रकार के अधिकारियों के लिए भी चलाई जाएगी |


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